भारत में मैनुअल स्कैवेंजिंग को समाप्त करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय ने सख्त कदम उठाने की प्रतिबद्धता जताई है। यह प्रयास 2023 के उस ऐतिहासिक फैसले का अनुसरण है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों को मैनुअल स्कैवेंजिंग और खतरनाक सफाई प्रथाओं को खत्म करने के निर्देश दिए गए थे।
मैनुअल स्कैवेंजिंग
- मैनुअल स्कैवेंजिंग का अर्थ है नंगे हाथों या साधारण औजारों का उपयोग कर मानव मल को सीवर, शुष्क शौचालयों, या नालियों से साफ करना। यह प्रथा भारतीय जाति व्यवस्था में हाशिये पर रह रहे समुदायों से जुड़ी हुई है।
2023 के फैसले की मुख्य बातें
- मैनुअल सफाई को समाप्त करने के लिए चरणबद्ध नीतियां: केंद्र और राज्यों को योजनाएं बनाने का निर्देश।
- संपूर्ण पुनर्वास: सीवर श्रमिकों और मृतकों के परिजनों के लिए पुनर्वास उपाय सुनिश्चित करना।
- पोर्टल का विकास: मुआवजे और घटनाओं से जुड़ी जानकारी साझा करने के लिए एक पारदर्शी पोर्टल।
- मुआवजा वृद्धि: सीवर में मृत्यु के मामले में मुआवजा ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹30 लाख किया गया।
2013 का अधिनियम
मैनुअल स्कैवेंजर के रूप में रोजगार का निषेध और पुनर्वास अधिनियम, 2013 में मैनुअल स्कैवेंजिंग को समाप्त करने के प्रावधान शामिल हैं:
- मैनुअल स्कैवेंजिंग पर पूर्ण प्रतिबंध।
- शुष्क शौचालयों का उन्मूलन।
- दंड का प्रावधान: उल्लंघन पर 2 वर्ष तक की सजा या ₹1 लाख का जुर्माना।
- पुनर्वास योजनाएं: रोजगार, आवास और वैकल्पिक आजीविका प्रदान करना।
- आयोग की स्थापना: राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर निगरानी और कार्यान्वयन के लिए आयोग।
कार्यान्वयन में चुनौतियां
- कानून का कमजोर प्रवर्तन: स्थानीय अधिकारियों और नियोक्ताओं द्वारा अनुपालन की कमी।
- सामाजिक कलंक: जाति-आधारित भेदभाव मैनुअल स्कैवेंजरों के पुनर्वास में बाधा है।
- पुनर्वास योजनाओं की कमी: योजनाओं के खराब क्रियान्वयन के कारण लाभार्थियों को मदद नहीं मिल पाती।
सरकारी पहल
- स्वच्छ भारत मिशन (2014): खुले में शौच और शुष्क शौचालयों को खत्म करना।
- राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (NSKFDC): वित्तीय सहायता और कौशल विकास।
- नमस्ते योजना: सीवर सफाई के लिए मशीनीकृत उपकरणों का उपयोग।
- पुनर्वास कार्यक्रम: स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों के लिए ऋण प्रदान करना।
भविष्य के कदम
- कानून प्रवर्तन को सख्त बनाना: उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई।
- मशीनीकरण को बढ़ावा: सीवर सफाई के लिए मशीनीकृत उपकरणों का व्यापक उपयोग।
- पुनर्वास एवं कौशल विकास: मैनुअल श्रमिकों के लिए वैकल्पिक आजीविका के अवसर प्रदान करना।
- सामाजिक जागरूकता: जाति आधारित भेदभाव और कलंक को समाप्त करना।
- समावेशी नीतियां: प्रभावित समुदायों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार में प्राथमिकता देना।
