Fri. Apr 3rd, 2026

राष्ट्रीय बाघ सरंक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने 22 अगस्त 2023 को राजस्थान के करौली और धौलपुर जिलों में बाघ अभयारण्य बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसी के साथ धौलपुर – करौली बाघ अभयारण्य बाघों को समर्पित देश का 54वां अभयारण्य बन गया है। राजस्थान में रणथम्भौर, सरिस्का, मुकुंद्रा हिल्स और रामगढ़ विषधारी के बाद यह पांचवा बाघ अभयारण्य है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया वेबसाइट ‘एक्स’ पर लिखा कि राजस्थान के धौलपुर- करौली बाघ अभयारण्य को एनटीसीए ने अंतिम मंजूरी दे दी है।

बाघ अभयारण्य /टाइगर रिजर्व

  • टाइगर रिजर्व ऐसे राष्ट्रीय उद्यान या वन्यजीव अभयारण्य को कहते हैं, जिन्हें टाइगर अर्थात बाघों की संख्या में लगातार आ रही गिरावट को देखते हुए उनकी संख्या को संरक्षित एवं संवर्धित करने के लिए आरक्षित किया गया है।
  • संपूर्ण विश्व में बाघों की संख्या में लगातार गिरावट आने का मुख्य कारण अवैध शिकार, मानव एवं जानवरों के बीच होने वाला संघर्ष, जंगल में बाघों के बीच वर्चस्व की जंग एवं बाघों के लिए भोजन की उपलब्धता में कमी होना है।

बाघ पर्यावरण की मदद कैसे करते हैं

  • शीर्ष शिकारियों के रूप में, जंगली बाघ ग्रह के पारिस्थितिक तंत्र के सामंजस्य को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • शाकाहारी जीवों का शिकार करके, बाघ शिकार करने वाले जानवरों और जंगल की वनस्पतियों, जिन पर वे भोजन करते हैं, के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं।
  • पारिस्थितिकी पीरामिड (Ecological Pyramid) तथा आहार श्रृंखला में बाघ सबसे बड़ा उपभोक्‍ता है। बाघ के लिए बड़ी मात्रा में आहार और अच्‍छा वन आवश्‍यक है।
  • इस तरह बाघ की सुरक्षा करके हम समूचे पारिस्थितिकी प्रणाली तथा पारिस्थिकी की रक्षा करते हैं।

प्रोज़ेक्ट टाइगर

  • प्रोज़ेक्ट टाइगर की शुरुआत केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा वर्ष 1973 में की गई थी।
  • देश के प्रसिद्ध जीव विज्ञानी कैलाश सांखला (Kailash Sankhala) को इस कार्यक्रम का पहला निदेशक नियुक्त किया गया था।
  • इस कार्यक्रम के तहत बाघ आबादी वाले राज्यों को बाघों के संरक्षण हेतु केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
  • वर्ष 1973 में प्रोज़ेक्ट टाइगर की शुरुआत के समय देश में मात्र 9 टाइगर रिज़र्व थे, वर्तमान में देश में कुल टाइगर रिज़र्वों (Tiger Reserve) की संख्या बढ़कर 54 हो गई है।

Login

error: Content is protected !!