Sun. Mar 22nd, 2026
  • इसरो ने अंतरिक्ष में पौधों की वृद्धि का अध्ययन करने के लिए क्रॉप्स (CROPS) परीक्षण किया।
  • ऑर्बिटल प्लांट स्टडीज (क्रॉप्स) परीक्षण के लिए कॉम्पैक्ट रिसर्च मॉड्यूल के हिस्से के रूप में लोबिया के बीज के एक बैच को अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक अंकुरित किया गया है।
  • कक्षीय पादप अध्ययन प्रयोग के लिए कॉम्पैक्ट रिसर्च मॉड्यूल PSLV-C60 POEM-4 के माध्यम से भेजा गया था।
  • क्रॉप प्रयोग के तहत 4 दिन में ग्वारपाठे के बीज अंकुरित हो गए।
  • क्रॉप (CROPS) पेलोड को विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC) द्वारा विकसित किया गया है।
  • इसे अतिरिक्त-स्थलीय वातावरण में वनस्पतियों को बढ़ाने और बनाए रखने के लिए इसरो की क्षमताओं को विकसित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  • इसरो ने भारत की पहली अंतरिक्ष रोबोटिक शाखा का भी सफलतापूर्वक संचालन किया।
  • रिलोकेटेबल रोबोटिक मैनिपुलेटर-टेक्नोलॉजी डिमॉन्स्ट्रेटर (आरआरएम-टीडी) चलने की क्षमता वाला भारत का पहला अंतरिक्ष रोबोटिक मैनिपुलेटर है।
  • इसे आईआईएसयू द्वारा विकसित किया गया है और यह 7 डिग्री ऑफ़ फ्रीडम (DoF) रोबोटिक आर्म है।

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