Fri. May 15th, 2026
  • 14 जनवरी को भारत द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित तीसरी पीढ़ी की एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल ‘नाग मार्क 2’ (नाग एमके 2) का फील्ड परीक्षण सफलतापूर्वक किया गया।
  • रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह तीसरी पीढ़ी की ‘एंटी टैंक फायर एंड फॉरगेट गाइडेड मिसाइल’ है।
  • ये परीक्षण भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा पोखरण फील्ड रेंज में किए गए।
  • परीक्षणों के दौरान मिसाइल ने अधिकतम और न्यूनतम दूरी पर लक्ष्यों को सटीकता से नष्ट करके अपनी सटीकता का प्रदर्शन किया, जिससे इसकी मारक क्षमता प्रमाणित हुई।
  • परीक्षणों के दौरान, ‘नाग मिसाइल कैरियर’ (संस्करण 2) का भी मूल्यांकन किया गया।
  • इन सफल परीक्षणों के साथ, सम्पूर्ण हथियार प्रणाली अब भारतीय सेना में शामिल होने के लिए तैयार है।
  • डीआरडीओ द्वारा विकसित नाग मार्क 2 मिसाइल विशेष रूप से आधुनिक बख्तरबंद खतरों का मुकाबला करने के लिए डिज़ाइन की गई है।
  • इसकी फायर-एंड-फॉरगेट तकनीक ऑपरेटरों को लॉन्च से पहले लक्ष्य को लॉक करने की अनुमति देती है, जिससे जटिल युद्धक्षेत्रों में भी सटीक हमले सुनिश्चित होते हैं।
  • 2024 में भारत ने मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि 4 का भी सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया था।

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