Sat. Jun 13th, 2026

भारतीय विज्ञान संस्थान बंगलूरू के शोधकर्त्ताओं ने मोनोसोडियम ग्लूटामेट का उपयोग करके पुनः संयोजक प्रोटीन का बड़े पैमाने पर उत्पादन करने में महत्त्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है।यह प्रगति वैक्सीन एंटीजन, इंसुलिन और मोनोक्लोनल एंटीबॉडी जैसे आवश्यक पदार्थों के उत्पादन के लिये आवश्यक है।

पुनः संयोजक प्रोटीन

  • पुनः संयोजक प्रोटीन वे प्रोटीन होते हैं जिन्हें प्रयोगशाला में जीवाणु, विषाणु या स्तनधारी कोशिकाओं में प्रोटीन के लिये कोडिंग जीन डालकर तैयार किया जाता है।
  • आमतौर पर, इन प्रोटीनों का उत्पादन बड़े बायो रिएक्टरों में एक विशिष्ट यीस्ट की कोशिकाओं का उपयोग करके किया जाता है, जिसमें एक विशेष प्रमोटर होता है, जिसे अल्कोहल ऑक्सीडेज़ (Alcohol Oxidase- AOX) प्रवर्तक (Promoter) कहा जाता है।
  • AOX प्रमोटर को मेथनॉल द्वारा सक्रिय करके बड़ी मात्रा में पुनः संयोजक प्रोटीन का उत्पादन किया जा सकता है।
  • इस प्रक्रिया में लक्ष्य जीन को AOX प्रमोटर के निकट लाया जाता है, यीस्ट को ग्लूकोज़ या ग्लिसरॉल के साथ मिश्रित किया जाता है और फिर प्रोटीन संश्लेषण शुरू करने के लिये मेथनॉल मिलाया जाता है।

मेथनॉल से जुड़े जोखिम

  • यह अत्यधिक ज्वलनशील और खतरनाक है, जिसके लिये कड़े सुरक्षा उपायों की आवश्यकता होती है। यह हाइड्रोजन पेरोक्साइड जैसे हानिकारक उपोत्पाद भी उत्पन्न कर सकता है, जो यीस्ट कोशिकाओं में ऑक्सीडेटिव तनाव उत्पन्न कर सकता है या पुनः संयोजक प्रोटीन को नुकसान पहुँचा सकता है।

मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG)- एक सुरक्षित विकल्प

  • MSG, यीस्ट जीनोम में एक भिन्न प्रमोटर को सक्रिय कर सकता है, जो फॉस्फोइनोलपाइरूवेट कार्बोक्सीकाइनेज़ (phosphoenolpyruvate carboxykinase- PEPCK) नामक एंज़ाइम के लिये कोड के रूप में कार्य करता है, जिससे मेथनॉल-प्रेरित प्रक्रिया के समान प्रोटीन उत्पादन होता है तथा इससे कोई जोखिम नहीं होता।
  • MSG पारंपरिक मेथनॉल-प्रेरित विधि की तुलना में अधिक सुरक्षित और पर्यावरण की दृष्टि से अधिक अनुकूल है। दूध, अंडे, शिशु आहार पूरक, न्यूट्रास्यूटिकल्स एवं औषधीय यौगिकों में पाए जाने वाले महत्त्वपूर्ण प्रोटीन का बायोटेक क्षेत्र में बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा सकता है।

मेथनॉल

  • यह सबसे सरल अल्कोहल है (जिसे वुड अल्कोहल या मिथाइल अल्कोहल भी कहा जाता है) जिसका रासायनिक सूत्र CH3OH है। यह रंगहीन, अस्थिर तरल के रूप में दिखाई देता है जिसमें हल्की मीठी तीखी गंध होती है और यह जल के साथ पूरी रूप से विलेय है।
  • मेथनॉल ज्वलनशील, हल्का और ज़हरीला होता है तथा इसके सेवन से व्यक्ति को अंधापन हो सकता है।
  • मेथनॉल को सर्वप्रथम रॉबर्ट बॉयल द्वारा पृथक किया गया था और अब इसे उत्प्रेरक की उपस्थिति में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस तथा हाइड्रोजन के प्रत्यक्ष संयोजन से तैयार किया जाता है।
  • इसका उपयोग आमतौर पर प्रयोगशाला में विलायक के रूप में और इथेनॉल के निर्माण में विकृतीकरण योजक के रूप में किया जाता है।
  • मेथनॉल के विभिन्न उपयोग हैं, जिनमें पॉलिमर, हाइड्रोकार्बन का उत्पादन तथा आंतरिक दहन इंजन के लिये ईंधन के रूप में उपयोग करना शामिल है।

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