- संयुक्त राज्य अमेरिका ने 25 अप्रैल, 2024 को बौद्धिक संपदा (आईपी) सुरक्षा मामले में भारत को निगरानी सूची में रखने का निर्णय लिया है।
- इस सन्दर्भ में अमेरिका की ओर से जानकारी दी गई कि भारत आईपी सुरक्षा के संबंध में दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है।
यूएसटीआर द्वारा जारी 2024 स्पेशल 301 रिपोर्ट
- अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधियों (यूएसटीआर) द्वारा जारी 2024 स्पेशल 301 रिपोर्ट में निगरानी सूची में भारत के साथ अर्जेंटीना, चिली, चीन, इंडोनेशिया, रूस और वेनेजुएला भी शामिल है।
- डोमिनिकन गणराज्य को निगरानी सूची से हटा दिया है।
- यह रिपोर्ट आईपी सुरक्षा की वैश्विक स्थिति की वार्षिक समीक्षा है।
रिपोर्ट में भारत की स्थिति
- रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि ट्रेडमार्क उल्लंघन की जांच के साथ कुछ मामलों को सुलझाने में अमेरिका-भारत व्यापार नीति फोरम के तहत प्रगति हुई है। लेकिन कई लंबे समय से चली आ रही कुछ चिंताएं बनी हुई हैं। इनमें ऑनलाइन पायरेसी की उच्च दर शामिल हैं।
- अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कैथरीन ताई के अनुसार, भारत में पेटेंट का मुद्दा विशेष चिंता का विषय है। साथ ही भारत में पेटेंट आवेदकों को पेटेंट अनुदान प्राप्त करने के लिए लंबी प्रतीक्षा अवधि का सामना करना पड़ता है।
- इनमें अपर्याप्त आईपी प्रवर्तन शामिल है, जिसमें ऑनलाइन चोरी की उच्च दर, व्यापक ट्रेडमार्क विरोध बैकलॉग और व्यापार रहस्यों की रक्षा के लिए अपर्याप्त कानूनी साधन शामिल हैं।
- भारत को अभी भी डब्ल्यूआईपीओ इंटरनेट संधियों को पूरी तरह से लागू करने और यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि कॉपीराइट वैधानिक लाइसेंस इंटरैक्टिव ट्रांसमिशन तक विस्तारित न हों।
- यूएसटीआर ने कहा कि पिछले वर्ष के दौरान, भारत बौद्धिक संपदा (आईपी) संरक्षण और प्रवर्तन पर अपनी प्रगति में असंगत रहा है।
