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भारत ने स्वदेशी रूप से विकसित प्रथम मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग स्कैनर (MRI scanner) का शुभारंभ किया।यह  लागत प्रभावी, कम भार वाले, अत्यधिक तीव्र (अल्ट्राफास्ट), 1.5 टेस्ला के उच्च क्षेत्र  वाले अगली पीढ़ी के मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग  (एमआरआई) स्कैनर है।वॉक्सेलग्रिड्स इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड ने राष्ट्रीय बायोफार्मा मिशन के अंतर्गत  एमआरआई स्कैनर को विकसित किया हैइस स्कैनर में  तरल हीलियम के बजाय तरल नाइट्रोजन का उपयोग किया जा सकता है। एमआरआई ऊतकों की त्रि-आयामी छवियां प्रदान करने और ट्यूमर की पहचान करने  वाला सबसे अच्छा उपकरण है ।इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एक अनुसंधान एवं  विकास संगठन ने  2015 में भारतीय एमआरआई मशीन बनाने के लिए समीर नामक  एक कार्यक्रम शुरू किया था।

लाभ

  • इससे एमआरआई स्कैनिंग की लागत बहुत ही कम होने की आशा है, साथ ही आयात पर निर्भरता खत्म होने से बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा भी बचेगी।
  • भारत निर्मित पोर्टेबल एमआरआई स्कैनर दूरदराज के गांवों तक निदान पहुंचाने के लिए सक्षम है ।
  • हल्का एमआरआई स्कैनर भारत में अपनी तरह का पहला उपकरण  है, इसे ट्रक पर लगाया जा सकता है और दूरदराज के गांवों में ले जाया जा सकता है।
  • जहां एमआरआई स्कैन करने के लिए इसे किसी भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में फिर से चालू किया जा सकता है।
  • यह संपूर्ण बॉडी एमआरआई स्कैनर, जो 1.5 टेस्ला बिजली की खपत करता है, अन्य एमआरआई मशीनों की तुलना में तीन से चार गुना तेज है।
  • भारत में नैदानिक ​​और चिकित्सीय विनिर्माण के दोहरे उद्देश्य एवं  आत्मनिर्भरता को  प्राप्त किया जा सकेगा।
  • इससे आने वाले वर्षों में भारत में बनाएं- विश्व के लिए बनाएं (मेक इन इंडिया-मेड फॉर द वर्ल्ड) को गति प्राप्त होगा।

एमआरआई क्या है

  • चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग यानि मैग्नेटिक रेज़ोनेंस इमेजिंग (magnetic resonance imaging) एक चिकित्सा इमेजिंग तकनीक है जो  शरीर में अंगों और ऊतकों की विस्तृत छवियां बनाने के लिए चुंबकीय क्षेत्र और कंप्यूटर से उत्पन्न रेडियो तरंगों का उपयोग करती है।
  • यह एक्स-रे का उपयोग नहीं करता है।
  • शरीर में 70 फीसदी पानी होता है, इसलिए हाइड्रोजन स्पिन के ज़रिए बने इमेज से शरीर में किसी भी  दिक्कतों का पता लगाया जा सकता है।
  • एमआरआई मशीन 3डी इमेज भी तैयार कर सकती है जिसे विभिन्न कोणों से देखा जा सकता है।
  • ये रेडिएशन के बजाए मैग्नेटिक फील्ड पर काम करता है, इसलिए एक्स रे और सीटी स्कैन से अलग है।

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