राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा संविधान के मैथिली और संस्कृत संस्करण का विमोचन किया गया।
26 नवंबर को इसे जारी करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारतीय संविधान एक जीवंत और प्रगतिशील दस्तावेज है जिसके माध्यम से हमने सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के लक्ष्यों को प्राप्त किया है।
संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ के वर्ष भर चलने वाले समारोह के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुर्मू ने दस्तावेज का मसौदा तैयार करने में संविधान सभा की 15 महिला सदस्यों के योगदान को याद किया।
इस अवसर पर मुर्मू ने संविधान पर तीन पुस्तकों का विमोचन भी किया।
संसद के दोनों सदनों के गणमान्य व्यक्तियों ने ‘भारत के संविधान का निर्माण: एक झलक’, ‘भारत के संविधान का निर्माण और इसकी गौरवशाली यात्रा’* शीर्षक वाली पुस्तकों तथा संविधान निर्माण की कला को समर्पित एक पुस्तिका का विमोचन किया।
वर्ष 2024 संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ का स्मरणोत्सव होगा, जो 26 नवम्बर 1949 को हुआ था, लेकिन 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।