एक राष्ट्र एक सदस्यता’ योजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विद्वानों के शोध लेखों और जर्नल प्रकाशनों तक देशव्यापी पहुँच प्रदान करने के लिए ‘एक राष्ट्र एक सदस्यता’ योजना को मंज़ूरी दे दी है।
तीन वर्षों के लिए ‘एक राष्ट्र एक सदस्यता’ के लिए 6,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
केंद्र या राज्य सरकार के प्रबंधन के तहत सभी उच्च शिक्षण संस्थान और केंद्र सरकार के अनुसंधान एवं विकास संस्थान इस योजना से लाभान्वित होंगे।
6,300 से अधिक संस्थान संभावित रूप से ‘एक राष्ट्र एक सदस्यता’ का लाभ उठा सकेंगे।
यह विकासभारत@2047, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (एएनआरएफ) के लक्ष्यों के अनुरूप है।
संस्थानों को एकीकृत पोर्टल ‘एक राष्ट्र एक सदस्यता’ के माध्यम से पत्रिकाओं तक पहुँच मिलेगी।