आयकर विभाग की पैन 2.0 परियोजना को केंद्र ने मंजूरी दे दी है।
आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने आयकर विभाग की पैन 2.0 परियोजना को मंजूरी दे दी है।
इस परियोजना से एक हजार 435 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ पड़ेगा।
इस परियोजना के तहत मौजूदा सिस्टम को पूरी तरह अपग्रेड किया जाएगा और एकीकृत पोर्टल बनाया जाएगा।
मौजूदा स्थायी खाता संख्या वही रहेगी।
पैन 2.0 परियोजना एक ई-सरकारी पहल है।
इसका उद्देश्य पैन/टैन सेवाओं के प्रौद्योगिकी-संचालित परिवर्तन के माध्यम से करदाता पंजीकरण सेवाओं की व्यावसायिक प्रक्रियाओं को फिर से तैयार करके करदाताओं के डिजिटल अनुभव को बेहतर बनाना है।
इसके साथ मौजूदा पैन/टैन 1.0 इको-सिस्टम को अपग्रेड किया जाएगा, जो कोर और नॉन-कोर पैन/टैन संचालन को मिलाएगा और पैन सत्यापन सेवाएँ प्रदान करेगा।
नामित सरकारी एजेंसियों की सभी डिजिटल प्रणालियों के लिए एक सामान्य पहचानकर्ता के रूप में पैन का उपयोग करना संभव बनाकर, पैन 2.0 परियोजना डिजिटल इंडिया में सन्निहित सरकार के उद्देश्य के अनुरूप है।