खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के महानिदेशक ने तीसरे Hand-in-Hand निवेश फोरम का उद्घाटन किया हैं।Hand-in-Hand पहल 2019 में खाद्य और कृषि संगठन (FAO) द्वारा शुरू की गई थी।उद्देश्य: इसका उद्देश्य उन देशों और क्षेत्रों की मदद करना है जहां गरीबी, भुखमरी और असमानताएँ सबसे अधिक हैं। यह पहल कृषि-खाद्य प्रणालियों के रूपांतरण के माध्यम से गरीबी उन्मूलन, भुखमरी को समाप्त करना, और असमानताओं को कम करने का प्रयास करती है।
लक्ष्य: इस पहल का लक्ष्य संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) में योगदान देना है, विशेष रूप से:
- SDG 1: गरीबी उन्मूलन,
- SDG 2: भुखमरी और कुपोषण का उन्मूलन,
- SDG 10: असमानताओं को कम करना।
विशेषताएँ
- प्राथमिकता क्षेत्र: पहल उन देशों और क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करती है जहाँ:
- गरीबी और भुखमरी चरम पर हैं।
- प्राकृतिक या मानव निर्मित संकटों के कारण कठिनाइयाँ हैं।
- राष्ट्रीय क्षमताएं सीमित हैं।
- दृष्टिकोण: यह पहल भू-स्थानिक, जैव-भौतिकीय और सामाजिक-आर्थिक डेटा का उपयोग करके उन क्षेत्रों की पहचान करती है जहां कृषि-खाद्य प्रणाली का रूपांतरण गरीबी और भुखमरी को कम करने में सबसे अधिक सहायक हो सकता है।
हस्तक्षेप के क्षेत्र
- प्राथमिकता वाली वस्तुओं के लिए मूल्य श्रृंखलाओं का विकास।
- कृषि-उद्योगों और जल प्रबंधन प्रणालियों का निर्माण।
- डिजिटल सेवाओं और सटीक कृषि का प्रावर्तन।
- सदस्य देश: वर्तमान में इस पहल में 72 देश शामिल हो चुके हैं।
खाद्य और कृषि संगठन
- FAO संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी है जो भुखमरी को समाप्त करने और खाद्य सुरक्षा में सुधार के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का नेतृत्व करती है।
- स्थापना: FAO की स्थापना अक्टूबर 1945 में हुई थी।
- मुख्यालय: FAO का मुख्यालय रोम, इटली में स्थित है।
- सदस्य: वर्तमान में इसके 194 सदस्य देश और यूरोपीय संघ (सदस्य संगठन) शामिल हैं।
अधिदेश: FAO का मिशन है
- पोषण में सुधार करना।
- कृषि उत्पादकता बढ़ाना।
- ग्रामीण आबादी के जीवन स्तर को ऊपर उठाना।
- वैश्विक आर्थिक विकास में योगदान देना।
सतत विकास लक्ष्य
- 2015 में संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों ने “2030 सतत विकास के लिए एजेंडा” को अपनाया। इसका उद्देश्य लोगों और ग्रह के लिए दीर्घकालिक शांति और समृद्धि सुनिश्चित करना है।
- SDG की संख्या: इसमें 17 सतत विकास लक्ष्य (SDGs) हैं, जो वैश्विक साझेदारी के तहत दुनिया भर के देशों के लिए विकास के नए मानक तय करते हैं।
- प्रमुख लक्ष्य: गरीबी, भूख, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छ पानी, स्वच्छ ऊर्जा, आर्थिक वृद्धि और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए यह एक सामूहिक कार्रवाई का आह्वान है।
