- स्वीडिश अकादमी ने दक्षिण कोरियाई उपन्यासकार हान कांग को 2024 के साहित्य के नोबेल पुरस्कार के लिए चुना है।
- हान कांग साहित्य में नोबेल पुरस्कार पाने वाली पहली एशियाई महिला हैं। वह पूर्व राष्ट्रपति किम डे-जंग के बाद नोबेल पुरस्कार जीतने वाली दूसरी दक्षिण कोरियाई हैं।
- राष्ट्रपति किम डे-जंग को 2000 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
- हान कांग को 10 दिसंबर 2024 को अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि पर स्टॉकहोम, स्वीडन में एक समारोह में 11 मिलियन क्रोनर पुरस्कार मिलेगा।
नोबेल पुरस्कार विजेता हान कांग
- 2016 के अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार विजेता उपन्यासकार हान कांग को स्वीडिश अकादमी द्वारा “उनके गहन काव्यात्मक गद्य के लिए चुना गया है जो ऐतिहासिक आघातों का सामना करता है और मानव जीवन की नाजुकता को उजागर करता है।”
- कोरियाई भाषा में लिखने वाली 53 वर्षीय हान कांग ने 1993 में एक पत्रिका में अपनी पहली कविताएँ और 1995 में अपना पहला लघु कहानी संग्रह प्रकाशित किया था।
- उनके उपन्यास ‘द वेजिटेरियन’ ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई औरइस कृति के लिए उन्हें 2016 का अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार भी मिला था ।
- उनके महत्वपूर्ण कार्यों में योर कोल्ड हैंड्स, ग्रीक लेसन्स, ह्यूमन एक्ट्स, द व्हाइट बुक आदि शामिल हैं।
साहित्य के नोबेल पुरस्कार से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य
- वर्ष 1901 से 2024 तक 121 व्यक्तियों को साहित्य का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया जा चुका है।
- वर्ष 1904, 1917, 1966 और 1974 में केवल चार बार साहित्य के नोबेल पुरस्कार को दो विजेताओं के बीच साझा किया गया है। हालाँकि, किसी प्राप्तकर्ता को एक से अधिक बार साहित्य का नोबेल पुरस्कार नहीं दिया गया है।
- रुडयार्ड किपलिंग (Rudyard Kipling) साहित्य का नोबेल पुरस्कार पाने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति हैं। उन्हें वर्ष 1907 में 41 वर्ष की आयु में यह पुरस्कार प्राप्त किया था।
- डोरिस लेसिंग (Doris Lessing) साहित्य का नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाली सबसे बुजुर्ग व्यक्ति थीं। उन्हें वर्ष 2007 में 87 वर्ष की आयु में यह पुरस्कार प्रदान किया गया था।
- अब तक 18 महिलाओं को साहित्य का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। स्वीडिश लेखिका सेल्मा लेगरलोफ़ (1858-1940) वर्ष 1909 में यह पुरस्कार प्राप्त करने वाली पहली महिला थीं।
- रवींद्रनाथ टैगोर नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले पहले भारतीय होने के साथ-साथ साहित्य का नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले एकमात्र भारतीय भी हैं। वर्ष 1913 में उन्हें यह पुरस्कार मिला था।वे साहित्य का नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले पहले गैर-यूरोपीय भी है।
