वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) ने भारत पर अपनी पारस्परिक मूल्यांकन रिपोर्ट जारी की, जिसमें अवैध वित्त से निपटने में देश की महत्त्वपूर्ण प्रगति पर प्रकाश डाला गया। जून 2024 में सिंगापुर में आयोजित FATF प्लेनरी ने भारत के लिये पारस्परिक मूल्यांकन रिपोर्ट को अपनाया, जिसमें कहा गया कि उसने वैश्विक धन शोधन निगरानी संस्था की आवश्यकताओं के साथ “उच्च स्तर का तकनीकी अनुपालन” हासिल किया है।FATF ने भारत को “नियमित अनुवर्त्ती” श्रेणी में रखा है, जो FATF द्वारा दी गई सर्वोच्च रेटिंग श्रेणी है और इस प्रकार यह दर्जा प्राप्त करने वाला भारत संघीय ढाँचे वाला एकमात्र प्रमुख अर्थव्यवस्था बन गया।भारत के अतिरिक्त ब्रिटेन, फ्राँस और इटली ही ऐसे जी-20 देश हैं जिन्हें इस श्रेणी में रखा गया है।
रिपोर्ट की मुख्य बातें
सुधार के क्षेत्र
गैर-लाभकारी क्षेत्र जोखिम
- आतंकवादी वित्तपोषण के लिए गैर-लाभकारी क्षेत्र के दुरुपयोग को रोकने के उपायों का कार्यान्वयन जोखिम-आधारित दृष्टिकोण के साथ संरेखित होना चाहिए ।
- गैर-लाभकारी संगठनों को उनके जोखिमों के बारे में बताना आवश्यक है।
राजनीतिक रूप से उजागर व्यक्ति (पीईपी)
- पीईपी पर उन्नत उपाय लागू किए जा रहे हैं, लेकिन अनुपालन के दृष्टिकोण से घरेलू पीईपी के लिए कवरेज का अभाव है।
- रिपोर्टिंग संस्थाओं द्वारा आवश्यकताओं का पूर्ण कार्यान्वयन आवश्यक है।
गैर-वित्तीय क्षेत्र और आभासी परिसंपत्तियाँ
- इन क्षेत्रों में निवारक उपायों के कार्यान्वयन और पर्यवेक्षण के प्रारंभिक चरण।
- अर्थव्यवस्था में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका के कारण कीमती धातुओं और पत्थरों के क्षेत्र में नकदी प्रतिबंधों में सुधार की तत्काल आवश्यकता है ।
मनी लॉन्ड्रिंग जोखिम
- प्राथमिक स्रोतों में धोखाधड़ी , साइबर धोखाधड़ी , भ्रष्टाचार और मादक पदार्थों की तस्करी शामिल हैं ।
- बहुमूल्य धातु और पत्थर (पीएमएस) क्षेत्र, स्वामित्व के निशान के बिना बड़े पैमाने पर लेनदेन के कारण धन शोधन के प्रति संवेदनशील है।
- 175,000 पीएमएस डीलरों में से केवल 9,500 ही रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) के साथ पंजीकृत हैं ।
- पीएमएस क्षेत्र में आपराधिक नेटवर्कों की जांच अभी तक नहीं की गई है; धोखाधड़ी और तस्करी तकनीकों की निरंतर निगरानी आवश्यक है।
आतंकवादी वित्तपोषण खतरे
- आईएसआईएल और अलकायदा जैसे समूहों से विशेष रूप से जम्मू और कश्मीर में गंभीर खतरा है ।
- क्षेत्रीय विद्रोह और वामपंथी उग्रवादी समूह अतिरिक्त जोखिम उत्पन्न करते हैं।
- आतंकवादियों को वित्तपोषित करने वालों के विरुद्ध मुकदमा चलाने के लिए और अधिक प्रयास की आवश्यकता है ।
वित्तीय समावेशन
- जन धन-आधार-मोबाइल (जेएएम) पहल से बैंक खाताधारकों और डिजिटल भुगतान के उपयोग में वृद्धि हुई ।
- वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के कार्यान्वयन से आपूर्ति श्रृंखला पारदर्शिता बढ़ी है।
- आतंकवाद के वित्तपोषण के विरुद्ध कार्रवाई
- राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की गई प्रभावी कार्रवाई की सराहना ।
एफएटीएफ की सिफारिशें
- लंबित धन शोधन मुकदमों में तेजी लाना; मानव तस्करी और मादक पदार्थ संबंधी अपराधों से निपटने में सुधार करना ।
- धन और परिसंपत्तियों को समय पर फ्रीज करना सुनिश्चित करने के लिए लक्षित वित्तीय प्रतिबंधों के लिए ढांचे को बढ़ाना।
- धन शोधन विरोधी कानूनों के अंतर्गत घरेलू पीईपी को परिभाषित करना तथा जोखिम आधारित उपायों को लागू करना।
वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF)
- वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) एक अंतर-सरकारी संगठन है जो मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी वित्तपोषण का मुकाबला करने के लिए समर्पित है। FATF आभासी संपत्तियों और आभासी संपत्ति सेवा प्रदाताओं (VASP) के दुरुपयोग को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय मानक और नीतियाँ निर्धारित करता है।
मूल
- वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) की स्थापना 1989 में पेरिस में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान की गई थी जिसका उद्देश्य धन शोधन से निपटने के लिए नीतियां विकसित करना था।
- 2001 में इसके कार्यक्षेत्र को विस्तृत कर इसमें आतंकवाद के वित्तपोषण को भी शामिल कर लिया गया।
- मुख्यालय पेरिस, फ्रांस में
- सदस्य: भारत 2010 में FATF का सदस्य बना ।
सदस्य
- अर्जेंटीना
- ऑस्ट्रेलिया
- ऑस्ट्रिया
- बेल्जियम
- ब्राज़िल
- कनाडा
- चीन
- डेनमार्क
- यूरोपीय आयोग
- फिनलैंड
- फ्रांस
- जर्मनी
- ग्रीस
- खाड़ी सहयोग परिषद
- हांगकांग, चीन
- आइसलैंड
- भारत
- इंडोनेशिया
- आयरलैंड
- इजराइल
- इटली
- जापान
- कोरिया
- लक्समबर्ग
- मलेशिया
- मेक्सिको
- नीदरलैंड
- न्यूज़ीलैंड
- नॉर्वे
- पुर्तगाल
- रूसी संघ *
- सऊदी अरब
- सिंगापुर
- दक्षिण अफ़्रीका
- स्पेन
- स्वीडन
- स्विट्ज़रलैंड
- तुर्की
- यूनाइटेड किंगडम
- संयुक्त राज्य अमेरिका
* FATF ने 24 फरवरी 2023 को रूसी संघ की सदस्यता निलंबित कर दी
