Wed. Apr 1st, 2026

प्रधानमंत्री ने गुजरात के गांधीनगर में चौथे वैश्विक अक्षय ऊर्जा निवेशक सम्मेलन और एक्सपो (री-इन्वेस्ट) का उद्घाटन किया ।यह सरकारी अधिकारियों, उद्योग जगत के नेताओं, निवेशकों, शोधकर्त्ताओं और नीति निर्माताओं जैसे नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के प्रमुख हितधारकों को एक साथ लाता है ।इसका आयोजन नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के सहयोग से किया गया था। 

पुनर्निवेश की मुख्य विशेषताएँ

  • हरित परियोजनाओं के लिये वित्तीय प्रतिबद्धताएँ: बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने हरित परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिये  32.45 ट्रिलियन रुपये की प्रतिबद्धता जताई ।यह वित्तीय सहायता भारत द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा विकास पर बढ़ते बल तथा वित्तीय क्षेत्रों से प्राप्त मज़बूत समर्थन को दर्शाती है।इसमें शीर्ष ऋणदाता- रिलायंस ( 6 ट्रिलियन रुपए) , भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी लिमिटेड ( 5 ट्रिलियन रुपए), भारतीय स्टेट बैंक ( 5 ट्रिलियन रुपए), पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन ( 3 ट्रिलियन रुपए) और नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट ( 1.86 ट्रिलियन रुपए)।
  • डेवलपर्स और निर्माताओं से समर्थन: निर्माताओं ने सौर मॉड्यूल में 340 गीगावाट , सौर सेल में 240 गीगावाट, पवन टर्बाइन में 22 गीगावाट और इलेक्ट्रोलाइज़र में 10 गीगावाट की अतिरिक्त विनिर्माण क्षमता के लिये प्रतिबद्धता जताई है ।विनिर्माताओं को छोड़कर अन्य हितधारकों ने 570 गीगावाट अतिरिक्त क्षमता वृद्धि के लिये प्रतिबद्धता जताई है।
  • निवेशकों को आमंत्रण : भारत ने वैश्विक हितधारकों को भारत के तेज़ी से बढ़ते अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने के लिये आमंत्रित किया। सरकार अक्षय ऊर्जा के माध्यम से बढ़ती ऊर्जा मांग को स्थायी रूप से पूरा करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
  • सौर ऊर्जा शुल्क में कमी :  भारत ने ग्रिड से जुड़े सौर ऊर्जा संयंत्रों के लिये शुल्क में 76% की प्रमुख कमी की घोषणा की जिससे सौर ऊर्जा, डेवलपर्स और उपभोक्ताओं दोनों के लिये अधिक किफायती और आकर्षक हो गई।

अन्य उल्लेखनीय उपलब्धियाँ

  • स्थापित क्षमता में वृद्धि : भारत की स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता मार्च 2014 में 75.52 गीगावाट से बढ़कर वर्ष 2024 में 207.7 गीगावाट से अधिक हो गई है।
  • नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि : भारत में कुल नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन वर्ष 2014 के 193.50 बिलियन यूनिट से 86% बढ़कर वर्ष 2024 में 360 बिलियन यूनिट (बीयू) हो गया है।

नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के विकास में प्रमुख हितधारकों की प्रतिबद्धताएँ

  • रिलायंस इंडस्ट्रीज़ वर्ष 2030 तक 100 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित करने के लिये प्रतिबद्ध है।
  • NTPC ने वर्ष 2030 तक 41.3 गीगावाट तथा टोरेंट पावर लिमिटेड ने 10 गीगावाट की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।
  • ReNew Power ने वर्ष 2030 तक 40 गीगावाट क्षमता स्थापित करने की प्रतिबद्धता जताई है। वर्तमान में इसकी स्थापित क्षमता 10 गीगावाट है , जो सौर और पवन ऊर्जा के बीच बराबर-बराबर विभाजित है।

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