Wed. Jun 24th, 2026

दिल्ली सरकार ने प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइज़िग इंडिया योजना को लागू करने के लिये केंद्र सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने का निर्णय किया है।शिक्षा मंत्रालय ने PM-SHRI योजना में भाग लेने में अनिच्छा के कारण दिल्ली, पंजाब और पश्चिम बंगाल को समग्र शिक्षा अभियान (SSA) के तहत धनराशि देना बंद कर दिया था।

समग्र शिक्षा अभियान

  • समग्र शिक्षा अभियान (SSA) स्कूली शिक्षा के लिये एक एकीकृत योजना है, जो प्री-स्कूल से कक्षा 12 तक विस्तारित है, जिसका उद्देश्य स्कूली शिक्षा के सभी स्तरों पर समावेशी और समान गुणवत्ता वाली शिक्षा सुनिश्चित करना है।
  • इसमें सर्व शिक्षा अभियान (SSA), राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (RMSA) और शिक्षक शिक्षा (TE) की 3 योजनाओं को शामिल किया गया है।
  • इस योजना का मुख्य ज़ोर दो ‘T ’— Teacher (शिक्षक) और Technology (प्रौद्योगिकी) पर केंद्रित होकर स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने पर है।
  • यह योजना केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में क्रियान्वित की जा रही है।
  • इस योजना के लिये केंद्र और राज्यों के बीच निधि साझाकरण का अनुपात पूर्वोत्तर व हिमालयी राज्यों के लिये 90:10 तथा अन्य सभी राज्यों एवं विधानमंडल वाले केंद्रशासित प्रदेशों के लिये 60:40 है।

PM-SHRI योजना

  • भारत सरकार द्वारा वर्ष 2022 में शुरू की गई PM-SHRI योजना एक केंद्र समर्थित पहल है, जिसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), 2020 के कार्यान्वयन को प्रदर्शित करने हेतु वर्तमान स्कूलों में सुधार करके लगभग 14,500 से अधिक PM-SHRI स्कूल स्थापित करने के लिये डिज़ाइन किया गया है।
  • इसका प्राथमिक उद्देश्य एक समावेशी और पोषणकारी परिवेश तैयार करना है, जो प्रत्येक छात्र के कल्याण तथा सुरक्षा को बढ़ावा दे, विविध शिक्षण अनुभव प्रदान करे एवं गुणवत्तापूर्ण बुनियादी अवसंरचना एवं संसाधनों तक अभिगम प्रदान करे।
  • केंद्र और राज्य सरकारों तथा विधानसभा वाले संघशासित प्रदेशों (जम्मू-कश्मीर को छोड़कर) के बीच वित्तपोषण का अनुपात 60:40 है।
  • पूर्वोत्तर, हिमालयी क्षेत्र और केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को 90:10 का हिस्सा मिलता है जबकि बिना विधानमंडल वाले केंद्रशासित प्रदेशों को 100% केंद्रीय वित्तपोषण प्राप्त होता है।
  • राज्यों को शिक्षा मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करके अपनी भागीदारी की पुष्टि करनी होती है।

योजना की अवधि

  • योजना की अवधि सत्र 2022-23 से 2026-27 तक है, जिसके बाद राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों की ज़िम्मेदारी होगी कि वे इन स्कूलों द्वारा हासिल किये गए बेंचमार्क को बनाए रखें।

PM-SHRI स्कूलों की मुख्य विशेषताएँ

  • ये स्कूल संचार, सहयोग और आलोचनात्मक सोच के कौशल सहित छात्रों के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
  • शिक्षण पद्धतियाँ अनुभवात्मक, पूछताछ-आधारित और शिक्षार्थी-केंद्रित होंगी।
  • स्कूलों में आधुनिक प्रयोगशालाएँ, पुस्तकालय, कला कक्ष होंगे तथा जल संरक्षण एवं अपशिष्ट पुनर्चक्रण जैसी ‘हरित’ पहलों को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • इनमें स्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर लैब, समेकित विज्ञान लैब, व्यावसायिक लैब/कौशल लैब और अटल टिंकरिंग लैब सहित आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
  • अधिगम के परिणामों को प्राथमिकता दी जाएगी तथा योग्यता-आधारित मूल्यांकन किया जाएगा जो ज्ञान को वास्तविक जीवन-स्थितियों में लागू करेगा।

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