नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने नई रूफटॉप सोलर योजना के नवीकरणीय ऊर्जा सेवा कंपनी (आरईएससीओ) मॉडल और उपयोगिता-आधारित मांग एकत्रीकरण मॉडल के तहत केंद्रीय वित्तीय सहायता और भुगतान सुरक्षा तंत्र के लिए मसौदा मानदंड जारी किए हैं। आरईएससीओ मॉडल के तहत एक नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी कम से कम पांच साल तक उपभोक्ता के लिए रूफटॉप सोलर सिस्टम खरीदेगी , स्थापित करेगी और उसका रखरखाव करेगी। इस प्रणाली में, उपभोक्ता को इंस्टॉलर को अग्रिम भुगतान नहीं करना पड़ता है। अग्रिम वित्त की सुविधा नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी द्वारा दी जाती है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का परिव्यय 75,021 करोड़ रुपये है और इसे वित्त वर्ष 27 तक लागू किया जाना है।
प्रारूप दिशानिर्देशों के मुख्य तथ्य क्या
- मॉडल: प्रारूप दिशानिर्देश अक्षय ऊर्जा सेवा कंपनी (RESCO) मॉडल और रूफटॉप सोलर पैनल- ‘PM सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना’ के यूटिलिटी लेड एसेट (ULA) मॉडल के तहत जारी किये गए हैं।
- अक्षय ऊर्जा सेवा कंपनी (RESCO) मॉडल: RESCO उपभोक्ता की रूफटॉप सोलर पैनल का विकास और स्वामित्व कम-से-कम पाँच वर्षों के लिये वैधता बनाए रखती है। RESCO आवश्यकतानुसार संयंत्र के रखरखाव के लिये आवश्यक सभी परिचालन व्यय भी करती है।ग्राहक उत्पादित बिजली के लिये RESCO को भुगतान करते हैं और अपने बिजली बिल पर नेट मीटरिंग का लाभ प्राप्त करते हैं। ग्रिड को उत्पादित बिजली की बिक्री करने के लिये RESCO और वितरण कंपनी (Discom) के बीच विद्युत क्रय समझौता (PPA) किया जा सकता है।
- उपयोगिता आधारित परिसंपत्ति (ULA) मॉडल: इस मॉडल में परियोजना के दौरान रूफटॉप इनस्टॉल्ड सोलर पैनल का स्वामित्व कम-से-कम पाँच वर्षों की परियोजना अवधि के लिये राज्य वितरण कंपनी डिस्कॉम (Discom) के पास रहता है, तदोपरांत स्वामित्व घर को अंतरित कर दिया जाता है।
केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA) के लिये पात्रता
- आवासीय भवनों की छतों, छज्जों, बालकनियों और ऊँचे अवसंरचना/ढाँचों पर स्थापित सौर पैनल, जो ग्रिड से जुड़े होते हैं।
- समूह नेट मीटरिंग और वर्चुअल नेट मीटरिंग जैसे मीटरिंग तंत्र के अंतर्गत स्थापना।
- अपवर्जन: जिन घरों में पहले से ही रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित है, वे प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के लिये RESCO और ULA मॉडल के अंतर्गत पात्र नहीं हैं।
- भुगतान सुरक्षा तंत्र: भुगतान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये 100 करोड़ रुपए का कोष स्थापित किया जाएगा, जिसका प्रबंधन एक राष्ट्रीय कार्यक्रम कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा किया जाएगा।
- भुगतान सुरक्षा कोष के निर्माण से सौर परियोजनाओं के लिये वित्तीय स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
PM सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना
- यह पर्याप्त वित्तीय सब्सिडी प्रदान करके और इनस्टॉलेशन में सुविधा सुनिश्चित करके सोलर रूफटॉप सिस्टम को अपनाने को बढ़ावा देने के लिये एक केंद्रीय योजना है।
- उद्देश्य: इसका लक्ष्य भारत में एक करोड़ परिवारों को मुफ्त विद्युत ऊर्जा उपलब्ध कराना है, जो रूफटॉप सोलर पैनल वाली बिजली इकाइयाँ स्थापित करना चाहते हैं।
- परिवारों को प्रत्येक महीने 300 यूनिट बिजली मुफ्त मिल सकेगी।
- कार्यान्वयन एजेंसियाँ: योजना का क्रियान्वयन दो स्तरों पर किया जाएगा।
- राष्ट्रीय स्तर: राष्ट्रीय कार्यक्रम कार्यान्वयन एजेंसी (NPIA) द्वारा प्रबंधित।
- राज्य स्तर: राज्य कार्यान्वयन एजेंसियों (SIA) द्वारा प्रबंधित, जो संबंधित राज्यों या केंद्रशासित प्रदेशों की वितरण उपयोगिताएँ (डिस्कॉम) या विद्युत/ऊर्जा विभाग हैं।
- डिस्कॉम की भूमिका: SIA के रूप में डिस्कॉम रूफटॉप सौर ऊर्जा संक्रमण को बढ़ावा देने की दिशा में विभिन्न उपायों को सुविधाजनक बनाने के लिये उत्तरदायी हैं, जिसमें नेट मीटर की उपलब्धता सुनिश्चित करना, समय पर निरीक्षण करना एवं प्रतिष्ठानों को चालू करना शामिल है।
- सब्सिडी संरचना: यह योजना सोलर रूफटॉप सिस्टम इनस्टॉलेशन की लागत को कम करने के लिये सब्सिडी प्रदान करती है। सब्सिडी अधिकतम 3 किलोवाट क्षमता तक सीमित है।
- 2 किलोवाट क्षमता तक के सोलर सिस्टम के लिये 60% सब्सिडी।
- 2 किलोवाट से 3 किलोवाट क्षमता के बीच सोलर सिस्टम के लिये 40% सब्सिडी।
योजना की अतिरिक्त विशेषताएँ
- आदर्श सौर गाँव: प्रत्येक ज़िले में एक ‘मॉडल सोलर विलेज’ विकसित किया जाएगा, जो एक प्रदर्शन परियोजना के रूप में कार्य करेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रूफटॉप सोलर सिस्टम अपनाने को बढ़ावा देगा।
- स्थानीय निकायों के लिये प्रोत्साहन: शहरी स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थान को अपने-अपने क्षेत्रों में छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने को बढ़ावा देने के लिये प्रोत्साहन मिलेगा।
प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के अपेक्षित लाभ क्या
- आर्थिक लाभ: परिवारों को बिजली बिल में कमी का लाभ मिलेगा और वे वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को अधिशेष विद्युत की बिक्री कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे।
- 3 किलोवाट की रूफटॉप सोलर सिस्टम प्रति माह 300 यूनिट से अधिक बिजली उत्पादन कर सकती है, जो योजना के उद्देश्यों के अनुसार मुफ्त बिजली उपलब्ध कराती है।
- सौर ऊर्जा उत्पादन: इस योजना से भवन की छतों पर सोलर सिस्टम इनस्टॉलेशन के माध्यम से 30 गीगावाट सौर क्षमता के लाभ की उम्मीद है, जिससे सोलर सिस्टम के 25 वर्ष के जीवनकाल में 1000 बिलियन यूनिट (BU) बिजली का उत्पादन होगा।
- कम कार्बन उत्सर्जन: इससे CO2 समतुल्य उत्सर्जन में 720 मिलियन टन की कमी आएगी, जिससे पर्यावरणीय स्थिरता में महत्त्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
- रोजगार सृजन: इस योजना से विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, आपूर्ति शृंखला प्रबंधन, बिक्री, स्थापना, संचालन और रखरखाव (O&M) जैसे विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 17 लाख प्रत्यक्ष रोज़गार सृजित होने का अनुमान है।
