केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में नई दिल्ली में 54वीं जीएसटी परिषद की बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद ने सोमवार को जीवन और स्वास्थ्य बीमा पर कर की दर कम करने और कैंसर की दवाओं और नमकीन पर जीएसटी में कटौती करने के लिए मंत्रियों के एक समूह (जीओएम) का गठन करने का फैसला किया। सीतारमण ने कहा कि जीवन और स्वास्थ्य बीमा पर जीएसटी दर पर विचार करने के लिए मंत्रिसमूह (जीओएम) गठित करने का निर्णय लिया गया है।
54वीं जीएसटी परिषद की बैठक में की गई मुख्य सिफारिशें
जीएसटी दरों में बदलाव
- नमकीन और स्वादिष्ट खाद्य उत्पाद : नमकीन और स्वादिष्ट खाद्य उत्पादों पर जीएसटी दर 18% से घटाकर 12% की जाएगी।
- कैंसर की दवाओं पर : कैंसर की दवाओं पर जीएसटी दर 12% से घटाकर 5% की जाएगी।
- धातु स्क्रैप पर : अपंजीकृत व्यक्ति द्वारा पंजीकृत व्यक्ति को धातु स्क्रैप की आपूर्ति पर रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म (आरसीएम) लागू होगा। बी2बी आपूर्ति में 2% का टीडीएस लागू होगा।
- रेलवे के एयर कंडीशनिंग मशीनों पर : रेलवे के एयर कंडीशनिंग मशीनों पर जीएसटी दर 28% होगी।
- कार और मोटरसाइकिलों की सीटों पर : कार और मोटरसाइकिलों की सीटों पर जीएसटी की दर 18% से बढ़ाकर 28% की जाएगी।
सेवाओं पर जीएसटी
- जीवन और स्वास्थ्य बीमा : जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा पर जीएसटी से संबंधित मुद्दों पर एक मंत्रियों के समूह (जीओएम) का गठन किया जाएगा।
- हेलीकॉप्टर द्वारा यात्रियों का परिवहन : हेलीकॉप्टर द्वारा यात्रियों के परिवहन पर 5% जीएसटी लागू होगी, जबकि हेलीकॉप्टर चार्टर पर 18% जीएसटी लागू रहेगा।
- उड़ान प्रशिक्षण पाठ्यक्रम : डीजीसीए द्वारा अनुमोदित उड़ान प्रशिक्षण पाठ्यक्रम जीएसटी के शुल्क से मुक्त होंगे।
- अनुसंधान संस्थानों और विकास सेवाएं : सरकारी या अनुसंधान संस्थानों द्वारा अनुसंधान और विकास सेवाओं की आपूर्ति को छूट देने की सिफारिश की गई है।
व्यापार को सुविधाजनक बनाने के उपाय
- सीजीएसटी अधिनियम की धारा 128A : वित्त वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के लिए सीजीएसटी अधिनियम की धारा 73 के तहत कर मांगों से संबंधित ब्याज या जुर्माना से छूट की प्रक्रिया की सिफारिश की गई है।
- सीजीएसटी नियम 2017 में संशोधन : सीजीएसटी नियम 2017 के नियम 89 और 96 में संशोधन और निर्यात पर आईजीएसटी रिफंड के संबंध में स्पष्टीकरण प्रदान किया जाएगा।
अन्य उपाय
- बी2सी ई-इनवॉयसिंग : व्यवसाय दक्षता और ग्राहक पारदर्शिता में सुधार के लिए चयनित क्षेत्रों में बी2सी ई-इनवॉयसिंग के लिए पायलट कार्यक्रम ई-चालान शुरू करने की सिफारिश की गई है।
- चालान प्रबंधन प्रणाली और नए लेजर : चालान प्रबंधन प्रणाली (आईएमएस) की शुरुआत और नई लेजर के लिए करदाताओं को 31 अक्टूबर, 2024 तक शुरुआती बैलेंस घोषित करने का अवसर दिया जाएगा। इन सिफारिशों को लागू करने के लिए संबंधित परिपत्रों और अधिसूचनाओं के माध्यम से कानूनी रूप दिया जाएगा।
संरचनात्मक स्वरुप
- जीएसटी परिषद (GST Council) भारतीय संविधान की धारा 279A के तहत गठित की गई है। जीएसटी परिषद भारत में वस्तु एवं सेवा कर (GST) प्रणाली को संचालित और विनियमित करने वाली एक महत्वपूर्ण संस्था है।
- भारत में इसका गठन 101वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2016 के तहत किया गया था।
- वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली भारत में कराधान सुधार का एक प्रमुख पहल है, जिसे 1 जुलाई 2017 को लागू किया गया था।
- यह परिषद भारत सरकार और राज्य सरकारों के बीच वस्तु और सेवा कर ( Goods and Services Tax- GST) के मामलों पर विचार विमर्श करने और निर्णय लेने के लिए एक प्रमुख निकाय है।
इसका संरचनात्मक स्वरुप निम्नलिखित है –
- अध्यक्ष : जीएसटी परिषद का अध्यक्ष भारत के वित्त मंत्री होते हैं।
- सदस्य : परिषद में सभी राज्यों के वित्त मंत्री शामिल होते हैं। केंद्रशासित प्रदेशों के लिए, उनके प्रतिनिधि शामिल होते हैं।
- विशेष प्रतिनिधि : परिषद में केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व केंद्र के वित्त मंत्रालय के राजस्व सचिव द्वारा किया जाता है।
- समिति : इस परिषद के अंतर्गत कुछ विशेष समितियाँ भी कार्य करती हैं जो जीएसटी से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर सलाह देती हैं और अपना सुझाव प्रस्तुत करती हैं।
जीएसटी परिषद का प्रमुख कार्य
- जीएसटी की दरों को निर्धारित करना और दरों की संरचनाओं की सिफारिश करना : जीएसटी परिषद की प्रमुख जिम्मेदारी वास्तु और सेवाओं पर जीएसटी की दरों और संरचनाओं को निर्धारित करना है। यह विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी की दरों की सिफारिश करती है ताकि पूरे भारत में एक समान कर व्यवस्था लागू हो सके।
- राजस्व आवंटन की समीक्षा करना : यह परिषद केंद्र और राज्य सरकारों के बीच जीएसटी राजस्व का वितरण और आवंटन सुनिश्चित करती है। यह सुनिश्चित करती है कि राज्यों को न्यायपूर्ण रूप से उनके कर का हिस्सा मिले।
- कानूनी और प्रशासनिक मुद्दों पर निर्णय लेना : जीएसटी परिषद जीएसटी कानून में आवश्यक संशोधनों और उससे अद्यतनों पर निर्णय करती है। यह जीएसटी कानून और नियमों के प्रवर्तन से संबंधित प्रशासनिक मुद्दों पर भी चर्चा करती है।
- कर से संबंधित विवादों का समाधान करना : यह परिषद जीएसटी से संबंधित विवादों के समाधान में सहायता करती है और यह सुनिश्चित करती है कि कर नीतियाँ पारदर्शी और निष्पक्ष हों।
- संविधान में संशोधन की सिफारिश करना : परिषद आवश्यकतानुसार संविधान के संशोधन के लिए सिफारिश कर सकती है ताकि जीएसटी के प्रवर्तन और कार्यान्वयन में सुधार किया जा सके।
- नियामक और कार्यान्वयन से संबंधित नियामक दिशा-निर्देश प्रदान करने के कार्य करना : परिषद जीएसटी के कार्यान्वयन से संबंधित नियामक दिशा-निर्देश प्रदान करती है और इससे जुड़े कार्यकारी मुद्दों पर निगरानी रखती है।
