नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में ,आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने देश के 6 प्रमुख औद्योगिक गलियारों में 12 नई परियोजनाओं के विकास को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं में औद्योगिक गलियारों के साथ-साथ औद्योगिक नोड्स और स्मार्ट शहरों का विकास किया जाएगा। इस मंजूरी के साथ, राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम (एनआईसीडीपी) के तहत विकसित की जाने वाली परियोजनाओं की कुल संख्या 44 हो गई है।
नव स्वीकृत परियोजनाएँ
- 12 नई स्वीकृत परियोजनाएं 10 राज्यों में स्थित 6 प्रमुख औद्योगिक गलियारों के साथ स्थापित की जाएंगी, जिसमें 28,602 करोड़ रुपये का अनुमानित निवेश होगा।
- नई स्वीकृत परियोजनाएं हैं – दो आंध्र प्रदेश (ओरवाकल और कोप्पर्थी) में और दो उत्तर प्रदेश (आगरा और प्रयागराज) में।
- उत्तराखंड (खुरपिया), पंजाब (राजपुरा-पटियाला), महाराष्ट्र (दिघी), केरल (पलक्कड़), बिहार (गया), तेलंगाना (जहीराबाद) और राजस्थान (जोधपुर-पाली) में एक-एक परियोजनाएं।
राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम (एनआईसीडीपी)
- भारत सरकार ने देश के औद्योगिक बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम (एनआईसीडीपी) शुरू किया है।
- महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन के तहत, 44 औद्योगिक नोड्स/क्षेत्रों/स्मार्ट शहरों के साथ 11 औद्योगिक गलियारे ,चार चरणों में विकसित किए जा रहे हैं।
- केंद्र सरकार राज्य सरकार के साथ साझेदारी में औद्योगिक गलियारे विकसित कर रही है।
राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम (एनआईसीडीपी) के उद्देश्य हैं;
- स्थायी बुनियादी ढांचे के साथ ग्रीनफील्ड औद्योगिक क्षेत्रों/नोड्स का विकास करना और प्लॉट स्तर पर प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना।
- भारत के विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए इन क्षेत्रों में घरेलू और विदेशी निवेश को आकर्षित करना।
- 2030 तक 2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के निर्यात के लक्ष्य को प्राप्त करना।
- औद्योगिक गलियारे के साथ स्मार्ट शहरों का विकास करना ।
- रोजगार के अवसरों का सृजन करना।
- भारत को विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के साथ एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाना।
- 2047 तक विकसित देश बनाना।
भारत में औद्योगिक गलियारे
- 2007 में स्वीकृत दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (डीएमआईसी) देश में विकसित होने वाला पहला औद्योगिक गलियारा है। इसे जापान की सहायता से विकसित किया जा रहा है।
11 औद्योगिक गलियारे हैं
- दिल्ली मुंबई औद्योगिक गलियारा (डीएमआईसी);
- चेन्नई बेंगलुरु औद्योगिक गलियारा (सीबीआईसी);
- अमृतसर कोलकाता औद्योगिक गलियारा (एकेआईसी );
- विजाग चेन्नई औद्योगिक गलियारा (वीसीआईसी) के साथ पूर्वी तट औद्योगिक गलियारा (ईसीआईसी)
- बेंगलुरु मुंबई औद्योगिक गलियारा (बीएमआईसी);
- कोयंबटूर के रास्ते कोच्चि तक सीबीआईसी का विस्तार;
- हैदराबाद नागपुर औद्योगिक गलियारा (एचएनआईसी);
- हैदराबाद वारंगल औद्योगिक गलियारा (HWIC);
- हैदराबाद बेंगलुरु औद्योगिक गलियारा (HBIC);
- ओडिशा आर्थिक गलियारा (ओईसी) और
- दिल्ली नागपुर औद्योगिक गलियारा (डीएनआईसी)।
राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन
- भारत सरकार ने 2019 में राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन (एनआईपी) लॉन्च की। इसका लक्ष्य वित्त वर्ष 2020-25 के दौरान बुनियादी ढांचे में 111 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करना है ताकि देश भर में उच्च गुणवत्ता वाले बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जा सके।
