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रक्षा और विदेश मामलों के मंत्रियों की तीसरी भारत-जापान 2+2 मंत्रिस्तरीय वार्ता 20 अगस्त 2024 को नई दिल्ली में आयोजित की गई। 2+2 वार्ता दोनों देशों के लिए द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करने का एक तंत्र है।भारत और जापान के सुरक्षा और रक्षा सहयोग को गहरा और बढ़ाने के लिए 2019 में इसकी शुरुआत की गई थी।भारत और जापान के घनिष्ठ संबंध हैं और 2024 में अपनी ‘विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी’ की 10 वीं  वर्ष गांठ मना रहे हैं।

भारत और जापान 2+2 बैठक की मुख्य बातें

  • स्वतंत्र हिंद-प्रशांत क्षेत्र: दोनों देशों ने स्वतंत्र, खुले और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर ज़ोर दिया।इस रणनीतिक संरेखण को क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य उपस्थिति से बढ़ावा मिलता है।मंत्रियों ने दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) की एकता और केंद्रीयता का समर्थन किया तथा हिंद-प्रशांत पर आसियान दृष्टिकोण (AOIP) का समर्थन किया।AOIP एशिया-प्रशांत और हिंद महासागर क्षेत्रों में सहयोग, स्थिरता एवं शांति को बढ़ावा देने में आसियान की केंद्रीय भूमिका पर ज़ोर देता है। यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों पर नियम-आधारित क्षेत्रीय व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिये आसियान की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।उन्होंने जुलाई 2024 में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में चर्चा के बाद चतुर्भुज सुरक्षा संवाद  (क्वाड) के भीतर सहयोग को आगे बढ़ाने के लिये अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। जापान और भारत ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिये तीसरे देशों को सुरक्षा सहायता में सहयोग करने की सलाह दी है।
  • रक्षा और सुरक्षा सहयोग: मंत्रियों ने रक्षा सहयोग को अपनी विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के एक स्तंभ के रूप में मान्यता दी। वर्ष 2022 में ज़ारी जापान की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति ने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को और मज़बूत किया। वीर गार्जियन (2023), धर्म गार्जियन (सैन्य), जिमेक्स (नौसेना), शिन्यू मैत्री (वायुसेना) और मालाबार (ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के साथ) जैसे बहुपक्षीय अभ्यासों में हुई प्रगति पर ज़ोर दिया गया। उन्होंने मानव रहित ज़मीनी वाहनों (UGV) और रोबोटिक्स सहयोग में प्रगति की सराहना की।दोनों देश समकालीन सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करने के लिये वर्ष 2008 के संयुक्त घोषणा-पत्र को संशोधित और अद्यतन करने पर सहमत हुए। यह अद्यतन वर्तमान प्राथमिकताओं को प्रतिबिंबित करेगा और विकसित हो रहे वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य के साथ संरेखित होगा।
  • आतंकवाद और उग्रवाद: दोनों पक्षों ने आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद की निंदा की, विशेष रूप से सीमा पार आतंकवाद पर ज़ोर दिया।उन्होंने 26/11 के मुंबई हमलों और अन्य घटनाओं के अपराधियों को न्याय के दायरे में लाने का आह्वान किया।आतंकवादियों के सुरक्षित ठिकानों को खत्म करने, वित्तपोषण चैनलों को बंद करने और आतंकवादियों की आवाज़ाही को रोकने के प्रयासों का समर्थन किया गया, जिसमें अल कायदा, ISIS/Daesh, लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) जैसे समूहों का विशेष उल्लेख किया गया।
  • प्रौद्योगिकी: चर्चा में जापान के एकीकृत जटिल रेडियो एंटीना (UNICORN) और संबंधित प्रौद्योगिकियों के हस्तांतरण पर प्रकाश डाला गया।यूनिकॉर्न सिस्टम एक एकीकृत जटिल रेडियो एंटीना है, जो कई एंटेना को एक सींग के आकार की संरचना में एकीकृत करता है। इसका उद्देश्य रडार सिग्नेचर को कम करना है, जिससे युद्धपोतों को दुश्मन बलों द्वारा कम पहचाना जा सके।यह प्रणाली मिसाइलों और ड्रोनों का भी पता लगा सकती है तथा व्यापक क्षेत्र में रेडियो तरंगों को पहचानने की अपनी क्षमता के माध्यम से स्थितिजन्य जागरूकता को बढ़ा सकती है।दोनों पक्षों ने भारत में जापानी नौसेना के जहाज के रख-रखाव की संभावना तलाशने पर सहमति व्यक्त की तथा भविष्य में रक्षा प्रौद्योगिकी सहयोग पर चर्चा की।
  • महिला, शांति और सुरक्षा (WPS): जापान तथा भारत ने शांति अभियानों में महिलाओं की भूमिका पर ज़ोर दिया एवं महिला, शांति व सुरक्षा (WPS) एजेंडे का समर्थन किया।WPS एजेंडा एक वैश्विक ढाँचा है, जिसका उद्देश्य संघर्ष के लैंगिक प्रभावों को संबोधित करना और शांति प्रक्रियाओं में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना है। इस एजेंडे को वर्ष 2000 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव (UNSCR) 1325 को अपनाने के साथ औपचारिक रूप दिया गया था, जो संघर्षों को रोकने और हल करने, शांति निर्माण और संघर्ष के बाद की बहाली में महिलाओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालता है।

2+2 बैठकें

  • 2+2 बैठकें दो देशों के विदेश और रक्षा मंत्रियों के बीच उच्च स्तरीय राजनयिक वार्ता होती हैं।
  • यह प्रारूप रणनीतिक सुरक्षा और रक्षा मुद्दों पर गहन चर्चा की सुविधा प्रदान करता है, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाना और आपसी चिंताओं का समाधान करना है, जिससे संघर्षों को सुलझाने और मज़बूत साझेदारी बनाने में सहायता मिल सकती है।

भारत के 2+2 साझेदार

  • संयुक्त राज्य अमेरिका: अमेरिका भारत का सबसे पुराना और सबसे प्रमुख 2+2 साझेदार है। भारत और अमेरिका के बीच पहली 2+2 वार्ता वर्ष 2018 में हुई थी।इस वार्ता ने पूर्ववर्ती सामरिक एवं वाणिज्यिक वार्ता का स्थान लिया तथा इसका उद्देश्य सामरिक सहयोग को बढ़ाना तथा साझा चिंताओं का समाधान करना था।
  • रूस: रूस के साथ पहली 2+2 बैठक 2021 में हुई थी। दोनों देश बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था पर समान विचार साझा करते हैं और इस मंच का उपयोग क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों की एक विस्तृत शृंखला पर चर्चा करने के लिये करते हैं।अमेरिका और रूस के अतिरिक्त भारत ने रक्षा तथा सुरक्षा सहयोग को मज़बूत करने, रणनीतिक सहयोग बढ़ाने एवं बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के अनुरूप कार्य करने के लिये ऑस्ट्रेलिया, जापान, ब्राजील व यूनाइटेड किंगडम के साथ 2+2 बैठकें की हैं।

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