केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने ग्रीन टग ट्रांज़िशन प्रोग्राम (GTTP) के लिए आधिकारिक तौर पर एसओपी लॉन्च किया।
ग्रीन टग ट्रांज़िशन प्रोग्राम (जीटीटीपी) ‘पंच कर्म संकल्प’ के तहत एक महत्वपूर्ण पहल है।
जीटीटीपी को भारतीय प्रमुख बंदरगाहों में संचालित पारंपरिक ईंधन आधारित हार्बर टगों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने तथा उनके स्थान पर हरित टगों को लाने के लिए डिजाइन किया गया है।
जीटीटीपी का पहला चरण 1 अक्टूबर, 2024 को शुरू होगा और 31 दिसंबर, 2027 तक जारी रहेगा।
इस चरण के तहत, चार प्रमुख बंदरगाह- जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण, दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण, पारादीप बंदरगाह प्राधिकरण और वी.ओ. चिदंबरनार बंदरगाह प्राधिकरण- कम से कम दो ग्रीन टग खरीदेंगे या किराए पर लेंगे।
इन टगों को बनाने के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये के निवेश की आवश्यकता होगी।
टगों का पहला सेट बैटरी-इलेक्ट्रिक होगा, जिसमें अन्य उभरती हुई हरित तकनीकों को अपनाने के प्रावधान होंगे।
जीटीपी घरेलू टग उद्योग को बढ़ावा देगा; इनका निर्माण भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत भारतीय शिपयार्ड में किया जाएगा।