हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना’ का शुभारंभ किया।इस योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है।इस योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री सुखू ने हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में 17 अगस्त 2024 को किया।
मुख्यमंत्री बाल पोष्टिक आहार योजना
- मुख्यमंत्री बाल पोषाहार आहार योजना केवल सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए है।
- नर्सरी से कक्षा आठ तक के विद्यार्थियों को सप्ताह में एक बार उबले अंडे या फल दिए जाएंगे । ताजे फल बच्चों की पसंद के आधार पर स्थानीय बाजारों से खरीदे जाएंगे।
- यह योजना मौजूदा मध्याह्न भोजन योजना की पूरक होगी तथा सरकारी स्कूलों में बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराएगी।
- इसमें राज्य के 15,181 सरकारी स्कूल और 5,34,293 छात्र शामिल होंगे ।
- राज्य सरकार ने 2024-25 के लिए ‘मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना’ के लिए 12.75 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
टैबलेट योजना
- राज्य सरकार राज्य के 17,510 प्राथमिक स्कूल शिक्षकों को मुफ्त टैबलेट उपलब्ध कराएगी।
- इससे शैक्षणिक और प्रशासनिक प्रणाली में डिजिटलीकरण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
- सरकार के अनुसार, टैबलेट के वितरण से शिक्षण पद्धतियों का आधुनिकीकरण होगा, डिजिटल शैक्षिक संसाधनों तक पहुँच में सुधार होगा, और उपस्थिति दर्ज करने और डेटा अपडेट करने जैसे प्रशासनिक कार्य सरल होंगे। शिक्षकों को इन उपकरणों से लैस करके, समग्र गुणवत्ता में सुधार होगा।
- शिक्षक अब टैबलेट के माध्यम से ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रमों तक पहुंच सकते हैं, जिससे उनके समग्र व्यावसायिक विकास में वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना
- मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत सरकार ने 6,000 अनाथ बच्चों को गोद लिया है।
- यह योजना राज्य के अनाथ बच्चों को 27 वर्ष की आयु तक शिक्षा, देखभाल और सहायता प्रदान करने के लिए फरवरी 2023 में सुखु सरकार द्वारा शुरू की गई थी ।
