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- बिहार सार्वजनिक परीक्षा (पीई) (अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक, 2024 विधानसभा में पारित हो गया है।
- इसे राज्य के संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने पेश किया।
- इसका मुख्य उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों के लीक होने सहित अन्य गड़बड़ियों पर अंकुश लगाना है।
- इस विधेयक में ऐसे कदाचार में शामिल लोगों के लिए कड़ी सजा का प्रस्ताव किया गया है, जिसमें तीन से पांच साल की जेल और 10 लाख रुपये का जुर्माना शामिल है।
- यदि कोई सेवा प्रदाता कदाचार में लिप्त पाया जाता है, तो उस पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना और उसकी सेवाओं को चार साल के लिए समाप्त कर दिया जाएगा।
- परीक्षा आयोजित करने की कुल लागत का एक हिस्सा भी दोषी सेवा प्रदाता से वसूला जाएगा।
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