- हर साल 6 जुलाई को विश्व जूनोसिस दिवस उन बीमारियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है जो जानवरों से मनुष्यों में फैल सकती हैं।
- जूनोटिक रोगों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए 6 जुलाई 1885 को विश्व जूनोसिस दिवस की शुरुआत की गई थी।
- 6 जुलाई 1885 को लुई पाश्चर ने रेबीज वायरस के खिलाफ पहला टीका सफलतापूर्वक लगाया।
- सीडीसी द्वारा किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि आज मौजूद सभी बीमारियों में से लगभग 60% प्रकृति में ज़ूनोटिक हैं, और लगभग 70% उभरते संक्रमण जानवरों में उत्पन्न होते हैं।
- मानव स्वास्थ्य पर ज़ूनोटिक रोगों के प्रभाव को समझना और आवश्यक सावधानी बरतना महत्वपूर्ण है।
जूनोसिस रोग
- ये वे बीमारियाँ हैं जो जानवरों से मनुष्यों में फैल सकती हैं। वे वायरस, परजीवी, बैक्टीरिया और कवक के कारण होते हैं।
- ज़ूनोटिक रोगज़नक़ सीधे संपर्क या भोजन, पानी या पर्यावरण के माध्यम से मनुष्यों में फैलते हैं।
- सबसे आम जूनोसिस रोग प्लेग, रेबीज़, तपेदिक, खुजली, राउंडवॉर्म आदि हैं।
