सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) ने खाद्य एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित विज्ञापनों के लिए विज्ञापनदाताओं एवं विज्ञापन एजेंसियों को नया एडवाइजरी जारी किया।
विज्ञापनदाताओं एवं विज्ञापन एजेंसियों को खाद्य एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित विज्ञापनों के लिए वार्षिक स्व-घोषणा प्रमाणपत्र अपलोड करना होगा।
विज्ञापनदाताओं/विज्ञापन एजेंसियों द्वारा स्व-घोषणा प्रमाणपत्र अपलोड करने की सुविधा टीवी/रेडियो विज्ञापनों के लिए प्रसारण सेवा पोर्टल पर तथा प्रिंट मीडिया/इंटरनेट पर विज्ञापनों के लिए भारतीय प्रेस परिषद के पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है।
निर्देश के अनुसार, विज्ञापनदाताओं/विज्ञापन एजेंसियों की यह जिम्मेदारी होगी कि वे लागू भारतीय कानूनों का पालन करें।
यह एडवाइजरी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी सभी पिछले परामर्शों का स्थान लेता है। यह केवल खाद्य एवं स्वास्थ्य क्षेत्र तक ही सीमित है।
स्वास्थ्य का अधिकार संविधान में एक मौलिक अधिकार है, जिसमें निर्माताओं, सेवा प्रदाताओं, विज्ञापनदाताओं और विज्ञापन एजेंसियों द्वारा बिक्री के लिए पेश किए जा रहे उत्पादों की गुणवत्ता के बारे में जागरूक होने का उपभोक्ता का अधिकार शामिल है।