Fri. Apr 10th, 2026
  • भारत की हरित हाइड्रोजन पहलों का समर्थन करने के लिए विश्व बैंक द्वारा 1.5 बिलियन डॉलर के ऋण को मंजूरी दी गई है।
  • भारत को अपने कम कार्बन ऊर्जा विकास में तेजी लाने में मदद करने के लिए, विश्व बैंक द्वारा 1.5 बिलियन डॉलर के ऋण को मंजूरी दी गई है।
  • इस धनराशि का उपयोग हरित हाइड्रोजन, इलेक्ट्रोलाइजर के लिए बाजार को बढ़ावा देने तथा नवीकरणीय ऊर्जा की पहुंच बढ़ाने के लिए किया जाएगा।
  • विश्व बैंक ने जून 2023 में 1.5 बिलियन डॉलर के पहले कम कार्बन ऊर्जा कार्यक्रम विकास नीति संचालन को मंजूरी दी थी।
  • इसने हरित हाइड्रोजन परियोजनाओं में अक्षय ऊर्जा के लिए ट्रांसमिशन शुल्क की छूट का समर्थन किया।
  • इसने सालाना 50 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा निविदाएं शुरू करने का मार्ग भी प्रशस्त किया और राष्ट्रीय कार्बन क्रेडिट बाजार के लिए कानूनी ढांचा बनाने में सहायता की।
  • दूसरा कम कार्बन ऊर्जा कार्यक्रम विकास नीति संचालन, हरित हाइड्रोजन और इलेक्ट्रोलाइजर के उत्पादन को बढ़ावा देगा, जो हरित हाइड्रोजन उत्पादन के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण तकनीक है।
  • सरकार ने 2030 तक 500 गीगावाट स्थापित अक्षय ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है।
  • इलेक्ट्रोलाइज़र और ग्रीन हाइड्रोजन के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन भी शुरू किया गया।

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