भारतीय वायु सेना का पहला बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास, तरंग शक्ति – 2024, को भारत में ही अगस्त महीने में आयोजित किया जाएगा।वायु सेना के इस पहले बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास, तरंग शक्ति-2024 में कुल 10 देश भाग लेंगे तथा इसमें कुछ अन्य देश पर्यवेक्षक के रूप में भी शामिल होंगे। यह बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास अमेरिका द्वारा आयोजित रेड फ्लैग अभ्यास से प्रेरित है।
अभ्यास तरंग शक्ति – 2024
- अभ्यास तरंग शक्ति को मूल रूप से वर्ष 2023 के अंत में आयोजित किया जाना था, किन्तु कुछ कतिपय कारणों से इस अभ्यास को 2023 में स्थगित कर दिया गया था।
- अब यह वायु अभ्यास दो अलग-अलग चरणों में आयोजित किया जाएगा।
- प्रथम चरण : भारतीय वायु सेना का पहला बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास, तरंग शक्ति – 2024, को भारत में प्रथम चरण के तहत अगस्त के प्रथम दो सप्ताह के दौरान दक्षिण भारत में आयोजित किया जाएगा।
- द्वितीय चरण : वायु अभ्यास तरंग शक्ति 2024 को द्वितीय चरण के तहत भारत के पश्चिमी क्षेत्र में अगस्त के अंत से सितंबर के मध्य तक आयोजित किया जाएगा।
- कुछ देश दोनों चरणों में भाग लेंगे, जिससे व्यापक प्रशिक्षण परिदृश्य तैयार होगा, जबकि कुछ अन्य देश परिचालन उद्देश्यों के आधार पर विशिष्ट चरणों में भाग लेंगे।
- यह भारतीय वायु सेना द्वारा आयोजित होने वाला पहला बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास है।
- उद्देश्य : इस अभ्यास का उद्देश्य उन मित्र देशों को आमंत्रित करना है जिनके साथ भारतीय वायुसेना नियमित रूप से संपर्क रखती है और जिनके बीच कुछ हद तक अंतर-संचालन क्षमता है।
- अभ्यास तरंग शक्ति – 2024 में भाग लेने वाले देश : ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जर्मनी, जापान, स्पेन, संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका।
- इसमें जर्मनी द्वारा A-400M विमान का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसे मध्यम परिवहन विमान की श्रेणी में खुले टेंडर के संभावित विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
- भारतीय वायु सेना द्वारा आयोजित होने वाले इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य पेशेवर बातचीत को बढ़ावा देना, इसमें भाग लेने वाले विभिन्न बलों के रोजगार दर्शन को समृद्ध करना और मूल्यवान अंतर्दृष्टि के आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाना है।
- यह इन देशों के लिए सहयोग करने तथा अपनी सामरिक और परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने का एक अनूठा अवसर प्रस्तुत करता है।
- हाल ही में जून 2024 में, भारतीय वायु सेना ने अलास्का में ‘रेड फ्लैग’ हवाई अभ्यास के दूसरे संस्करण में भाग लिया, जो 4 से 14 जून 2024 तक चला।
- इस अभ्यास में भारतीय राफेल विमानों ने सिंगापुर और अमेरिकी विमानों के साथ मिलकर संयुक्त मिशनों में हिस्सा लिया।
- इन संयुक्त मिशनों का उद्देश्य बियॉन्ड विजुअल रेंज परिस्थितियों में काउंटर एयर हमलों का प्रतिकार करना, उन्हें रोकना और हवाई सुरक्षा की क्षमता को मजबूत करना था।
- इन संयुक्त मिशनोंi में राफेल विमानों का उपयोग करते हुए बियॉन्ड विजुअल रेंज स्थितियों में आक्रामक काउंटर एयर और एयर डिफेंस भूमिकाओं में बड़े पैमाने पर संलग्नता के मिशनों का संचालन किया गया था।
अभ्यास तरंग शक्ति – 2024 का महत्व
- अभ्यास तरंग शक्ति – 2024 के आयोजन में उन्नत सैन्य प्रौद्योगिकियों और सैन्य तकनीकी प्रगति का प्रदर्शन किया जाता है।
- इसके साथ ही यह सहभागी देशों के मध्य उपकरणों की प्रभावशीलता और समन्वय का परीक्षण भी करता है।
- यह अभ्यास उन्नत सैन्य प्रौद्योगिकियों और क्षमताओं को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करता है, जिसमें लड़ाकू जेट, परिवहन विमान, और हवाई ईंधन भरने की प्रणालियाँ शामिल हैं।
- यह अभ्यास विभिन्न प्रतिभागी देशों को बहुराष्ट्रीय परिवेश में अपने उपकरणों की प्रभावशीलता और अंतर-संचालनशीलता को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करता है।
- इस अभ्यास से बदलते भू – रणनीतिक देशों के क्षेत्रीय स्थिरता में वृद्धि होगी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सामूहिक सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
- यह अभ्यास के माध्यम से वैश्विक सुरक्षा पहलों में एक प्रमुख साझेदार के रूप में भारत की भूमिका को सुदृढ़ करता है और इसमें भागीदार देशों के साथ भारत के राजनयिक संबंधों को मजबूत करता है।
