Wed. Jun 24th, 2026
  • भारत अपना स्वयं का गहरे समुद्र मिशन शुरू करने वाला छठा देश बनने जा रहा है।
  • गहरे समुद्र मिशन केवल खनिज अन्वेषण तक सीमित नहीं होगा; इसका उद्देश्य महासागर विज्ञान के नए पहलुओं की खोज करना है।
  • यह मिशन वनस्पतियों और जीवों की खोज, समुद्री जैव विविधता के संरक्षण आदि के लिए भी बहुत उपयोगी होगा।
  • ‘राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान’ ने मत्स्ययान 6000 विकसित किया है, जो समुद्र में 6000 मीटर गहराई तक जा सकता है।
  • इस मिशन के लिए अत्यधिक दबाव को सहन करने हेतु इसरो के सहयोग से ‘टाइटेनियम हल’ विकसित किया गया है।
  • मिशन के पहले चरण के सितंबर 2024 तक पूरा होने की संभावना है और इसके बाद के परीक्षण 2026 तक किए जाएंगे।
  • इस मिशन का वनस्पति एवं जीव-जंतुओं, गहरे समुद्र में अन्वेषण, दुर्लभ मृदा धातुओं के वाणिज्यिक दोहन तथा भारतीय समुद्र तल में धातुओं और बहुधात्विक पिंडों की खोज और अन्वेषण पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ेगा।

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