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कावांगो-ज़ाम्बेजी ट्रांस-फ्रंटियर संरक्षण क्षेत्र के लिये वर्ष 2024 का राष्ट्राध्यक्ष शिखर सम्मेलन, लिविंगस्टोन, ज़ाम्बिया में हुआ, जहाँ सदस्य राज्यों ने वन्यजीव और वनस्पति की लुप्तप्राय प्रजातियों में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर कन्वेंशन से बाहर होने के अपने आह्वान को दोहराया।यह आह्वान उनके प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हाथीदाँत और अन्य वन्यजीव उत्पादों को बेचने की अनुमति न दिये जाने की पृष्ठभूमि में किया गया है।

वर्ष 2024 के शिखर सम्मेलन

KAZA-TFCA पहल

  • KAZA-TFCA पाँच दक्षिणी अफ्रीकी देशों अर्थात् अंगोला, बोत्सवाना, नामीबिया, ज़ाम्बिया और ज़िम्बाब्वे के ओकावांगो और ज़ाम्बेज़ी नदी घाटियों तक फैला हुआ है।
  • काज़ा (KAZA) की लगभग 70% भूमि संरक्षण के अधीन है, जिसमें 103 वन्यजीव प्रबंधन क्षेत्र और 85 वन आरक्षित क्षेत्र शामिल हैं।
  • इस क्षेत्र में अफ्रीका की दो-तिहाई से अधिक हाथी आबादी (लगभग 450,000) पाई जाती है, जबकि बोत्सवाना (132,000) और ज़िम्बाब्वे (100,000) में अकेले इस आबादी का महत्त्वपूर्ण हिस्सा मौजूद है।

CITES को लेकर ऐतिहासिक विवाद

  • इस शिखर सम्मेलन की तरह पनामा में वर्ष 2022 में होने वाले पार्टियों के सम्मेलन में दक्षिणी अफ्रीकी देशों ने संरक्षण के लिये धन जुटाने और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिये हाथीदाँत व्यापार को वैध बनाने की वकालत की।
  • हाथियों की बड़ी आबादी और उससे संबंधित चुनौतियों के बावजूद उनके प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया गया, क्योंकि इन देशों ने उस पर वैज्ञानिक संरक्षण विधियों की तुलना में व्यापार-विरोधी विचारधाराओं को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया।

2024 के शिखर सम्मेलन के प्रमुख मुद्दे

  • लिविंगस्टोन शिखर सम्मेलन में प्रतिनिधियों ने मौजूदा CITES प्रतिबंधों के आर्थिक नुकसान पर ध्यान केंद्रित किया, वन्यजीव उत्पाद बिक्री अधिकारों की वकालत की, जबकि हाथियों की मृत्यु दर और हाथीदाँत के भंडार से होने वाली आर्थिक क्षमता के नुकसान पर प्रकाश डाला गया।
  • हाथीदाँत और वन्यजीव उत्पाद व्यापार को लेकर प्रतिबंध से संरक्षण निधि पर प्रभाव पड़ता है, क्योंकि बिक्री से प्राप्त राजस्व से वन्यजीव प्रबंधन में सहायता मिल सकती है।
  • प्रतिनिधियों ने तर्क दिया कि निर्णय वैज्ञानिक साक्ष्य पर आधारित नहीं हैं, बल्कि लोकलुभावनवाद और राजनीतिक एजेंडे पर आधारित हैं, जो सतत् संरक्षण को बढ़ावा देने में CITES की प्रभावशीलता को कमज़ोर कर रहे हैं।
  • शिखर सम्मेलन में CITES से बाहर निकलने के लिये नए सिरे से अपील की गई तथा समर्थकों ने सुझाव दिया कि इससे CITES को पुनर्विचार करने या काज़ा राज्यों को अपने वन्यजीव संसाधनों को स्वायत्त रूप से संभालने के लिये सशक्त बनाने हेतु प्रेरित किया जा सकता है।
  • पश्चिमी देशों द्वारा ट्रॉफी हंटिंग (Trophy Hunting) के आयात पर बढ़ते प्रतिबंधों के जवाब में ज़िम्बाब्वे और अन्य काज़ा राज्य  विशेष रूप से पूर्व में वैकल्पिक बाज़ारों की खोज कर रहे हैं।
  • ट्रॉफी हंटिंग  में जंगली जानवरों, अक्सर बड़े स्तनधारियों का चुनिंदा शिकार किया जाता है, ताकि उनके सींग या सींग जैसे शरीर के अंग प्राप्त किये जा सकें, जो उपलब्धि के प्रतीक के रूप में या प्रदर्शन के लिये उपयोग किये जाते हैं।

हाथीदाँत

  • हाथीदाँत, वास्तव में विशाल दाँत होते हैं जो हाथियों के मुँह से काफी आगे तक फैले होते हैं। इन दाँतों  का अधिकांश भाग डेंटाइन (एक कठोर, घना, हड्डीदार ऊतक) से बना होता है।
  • ये  दाँत  नर और मादा अफ्रीकी हाथियों दोनों में पाए जाते हैं, लेकिन कुछ नर एशियाई हाथियों में भी पाए जाते हैं।
  • विश्व वन्यजीव कोष (World Wildlife Fund- WWF) ने हाथीदाँत के अवैध शिकार के मुद्दे पर प्रकाश डालते हुए कहा है कि “हाथीदाँत” में मैस्टोडॉन (Mastodons), मैमथ (Mammoths), दरियाई घोड़े (Hippos), नरव्हेल (Narwhals) और वालरस (Walruses) जैसी विभिन्न प्रजातियों की सामग्रियाँ शामिल हैं, जो अमेरिकी द्वारा हाथीदाँत पर प्रतिबंध में शामिल नहीं हैं, लेकिन CITES जैसे अन्य कानूनों द्वारा विनियमित हो सकती हैं।
  • हाथीदाँत से बनी हर वस्तु, दाँत से लेकर गहने तक, शिकारियों द्वारा मारे गए हाथी के दाँतों से बनती हैं। हाथीदाँत की मुख्य रूप से एशियाई मांग को पूर्ण करने हेतु प्रतिवर्ष लगभग 20,000 हाथियों को मार दिया जाता है।

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