सरकार ने अंतर-सेवा संगठन (कमांड, नियंत्रण और अनुशासन) अधिनियम को अधिसूचित किया है, जो अंतर-सेवा संगठनों के कमांडर-इन-चीफ या ऑफिसर-इन-कमांड को सेना की सभी शाखाओं के कर्मियों का प्रबंधन करने, संचालन को सुव्यवस्थित करने तथा सहयोग को बढ़ावा देने का अधिकार देता है।
अंतर-सेवा संगठन (ISO) अधिनियम की मुख्य विशेषताएँ
पृष्ठभूमि
- वर्तमान में सशस्त्र बल सेना अधिनियम, 1950, नौसेना अधिनियम, 1957 और वायु सेना अधिनियम, 1950 जैसे विशिष्ट सेवा अधिनियमों के तहत कार्य करते हैं।
- हालाँकि, इन कृत्यों की विविध प्रकृति कभी-कभी अंतर-सेवा प्रतिष्ठानों में समान अनुशासन, समन्वय और त्वरित कार्यवाही बनाए रखने में चुनौतियाँ उत्पन्न करती है।
- ISO अधिनियम मौजूदा सेवा अधिनियमों, नियमों या विनियमों में किसी भी बदलाव का प्रस्ताव नहीं करता है।
अधिनियम की विशेषताएँ
ISO नेतृत्व को सशक्त बनाना
- यह अधिनियम ISO के कमांडर-इन-चीफ और ऑफिसर-इन-कमांड को उनकी विशिष्ट शाखा (सेना, नौसेना, वायु सेना) की परवाह किये बिना, उनकी कमान के तहत सेवा कर्मियों पर अनुशासनात्मक एवं प्रशासनिक नियंत्रण रखने का अधिकार देता है।
- यह कमांड संरचना को सरल बनाता है और ISO के भीतर कुशल निर्णय लेना सुनिश्चित करता है।
ISO का गठन और वर्गीकरण
- अंडमान और निकोबार कमान, रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी जैसे मौजूदा ISO को अधिनियम के तहत औपचारिक रूप से मान्यता दी जाएगी।
- केंद्र सरकार एक अंतर-सेवा संगठन का गठन कर सकती है जिसमें तीन सेवाओं: सेना, नौसेना और वायु सेना में से कम-से-कम दो से संबंधित कर्मचारी हों।
- ISO को एक ऑफिसर-इन-कमांड के अधीन रखा जाएगा।
- एक संयुक्त सेवा कमान (त्रि-सेवा) भी बनाई जा सकती है, जिसे कमांडर-इन-चीफ की कमान के तहत रखा जाएगा।
प्रयोज्यता और अहर्ताएँ
- इसे सेना, नौसेना और वायु सेना से परे अन्य केंद्रीय नियंत्रित बलों तक बढ़ाया जा सकता है।
- यह कमांडर-इन-चीफ और ऑफिसर्स-इन-कमांड के लिये पात्रता मानदंडों को निर्धारित करता है, जिसमें प्रत्येक सेवा के उच्च पदस्थ अधिकारियों को निर्दिष्ट किया जाता है।
नियंत्रण और कमांडिंग ऑफिसर
- केंद्र सरकार ISO पर अंतिम अधिकार रखती है तथा राष्ट्रीय सुरक्षा, प्रशासन और सार्वजनिक हित से संबंधित निर्देश जारी कर सकती है।
- यह ISO के अंतर्गत एक विशिष्ट इकाई, जहाज़ या प्रतिष्ठान के लिये ज़िम्मेदार कमांडिंग ऑफिसर पद की स्थापना करता है।
- वे उच्च नेतृत्व द्वारा सौंपे गए कर्त्तव्यों का पालन करेंगे और उनके पास अपने आदेश के तहत कर्मियों के संबंध में अनुशासनात्मक या प्रशासनिक कार्रवाई शुरू करने का अधिकार होगा।
