संयुक्त राज्य अमेरिका के रक्षा विभाग ने नई दिल्ली, भारत में दूसरे भारत-अमेरिका रक्षा त्वरण पारिस्थितिकी तंत्र शिखर सम्मेलन में भाग लिया।शिखर सम्मेलन का आयोजन संयुक्त रूप से इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस (iDEX), MoD और DoD द्वारा किया गया था तथा अमेरिका-भारत व्यापार परिषद (US-India Business Council- USIBC) एवं सोसाइटी ऑफ इंडिया डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM) द्वारा समन्वयित किया गया था।
दूसरे INDUS-X शिखर सम्मेलन की मुख्य विशेषताएँ
इंडो-पैसिफिक सुरक्षा पर फोकस
- शिखर सम्मेलन में स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को सुनिश्चित करने में प्रमुख साझेदार के रूप में भारत तथा अमेरिका की महत्त्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोर दिया गया।
- चर्चाएँ उन्नत सैन्य क्षमताओं के सह-उत्पादन, रक्षा आपूर्ति शृंखलाओं को मज़बूत करने और साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिये अंतर-संचालनीयता बढ़ाने पर केंद्रित थी।
नवाचार और सहयोग को बढ़ावा देना
- भारतीय और अमेरिकी उद्योगों के बीच सहयोगात्मक प्रयासों के माध्यम से रक्षा प्रौद्योगिकियों में नवाचार को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया गया।
- शिखर सम्मेलन ने रक्षा क्षेत्र में स्टार्टअप और सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यमों को स्थापित खिलाड़ियों के साथ जुड़ने, ज्ञान के आदान-प्रदान एवं साझेदारी की सुविधा के लिये एक मंच प्रदान किया।
भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच रक्षा साझेदारी
- शिखर सम्मेलन में भारत और अमेरिका के बीच मज़बूत रक्षा साझेदारी पर प्रकाश डाला गया, जिसमें रक्षा सहित प्रमुख क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़ (iCET) जैसी पहल का हवाला दिया गया।
तकनीकी नवाचार पर ज़ोर
- शिखर सम्मेलन ने अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी के व्यापक संदर्भ में रक्षा में तकनीकी नवाचार की महत्त्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोर दिया, जिससे सीमाओं के पार रक्षा उद्योगों के लिये सामूहिक प्रगति को बढ़ावा मिला।
संयुक्त IMPACT चुनौतियाँ
- शिखर सम्मेलन ने संयुक्त IMPACT चुनौतियों (Joint IMPACT Challenges) की शुरुआत को रेखांकित किया, जिसका लक्ष्य रक्षा और एयरोस्पेस सह-विकास एवं सह-उत्पादन को सहयोगात्मक रूप से आगे बढ़ाना है, जिसमें अग्रणी समाधानों में स्टार्टअप शामिल हैं।
रक्षा उत्कृष्टता के लिये नवाचार
- वर्ष 2018 में लॉन्च की गई iDEX रक्षा मंत्रालय की प्रमुख योजना है। इसे डिफेंस इनोवेशन ऑर्गनाइजेशन (DIO) द्वारा वित्त पोषित और प्रबंधित किया जाता है जिसे कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 के तहत ‘गैर-लाभकारी’ कंपनी के रूप में स्थापित किया गया है।
- iDEX का उद्देश्य रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में नवाचार एवं प्रौद्योगिकी विकास को बढ़ावा देना है।
- यह भारतीय रक्षा और एयरोस्पेस आवश्यकताओं के लिये भविष्य में प्रयोगात्मक क्षमता के साथ अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं को पूरा करने के लिये अनुदान, धन और अन्य सहायता प्रदान करता है।
- यह वर्तमान में लगभग 400+ स्टार्टअप और MSME के साथ मुख्य रूप से कार्यरत है। रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में गेम-चेंजर के रूप में पहचाने जाने वाले iDEX को रक्षा क्षेत्र में नवाचार के लिये PM पुरस्कार मिला है।
यूएस-इंडिया बिज़नेस काउंसिल
- इसका उद्देश्य भारत व अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देना, दीर्घकालिक वाणिज्यिक साझेदारी, रोज़गार सृजन और वैश्विक आर्थिक विकास के लिये उद्योग तथा सरकार को जोड़ना है।
भारतीय रक्षा निर्माता सोसायटी
- SIDM भारत का अग्रणी रक्षा उद्योग संघ है, जो नीतिगत सुधारों का समर्थन कर सरकार और सशस्त्र बलों के साथ सहयोग की सुविधा प्रदान करता है।
