भारत का खिलौना निर्यात 2014-15 में 96 मिलियन डॉलर से बढ़कर 2022-23 में 326 मिलियन डॉलर हो गया।
इसी अवधि में खिलौनों का आयात 52% घटकर $332 मिलियन से $159 मिलियन हो गया।
‘भारत में बने खिलौनों की सफलता की कहानी’ पर एक केस स्टडी के अनुसार, आयात शुल्क में वृद्धि और गुणवत्ता नियंत्रण जैसे उपायों के कारण खिलौनों के निर्यात में वृद्धि हुई और आयात में गिरावट आई।
यह अध्ययन उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) की ओर से आईआईएम लखनऊ द्वारा आयोजित किया गया था।
अगले आठ वर्षों में खिलौना क्षेत्र में लगभग 12% चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर की उम्मीद है।
2028 तक खिलौना निर्यात बढ़कर 3 बिलियन डॉलर होने की संभावना है।
आयातित खिलौनों पर टैरिफ 20% से बढ़ाकर 60% कर दिया गया। घटिया उत्पादों की डंपिंग को रोकने के लिए गुणवत्ता नियंत्रण आदेश पेश किए गए।
रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी प्रयासों से 2014 से 2020 तक विनिर्माण इकाइयों की संख्या दोगुनी हो गई।
सरकारी प्रयासों से आयातित इनपुट पर निर्भरता 33% से घटकर 12% हो गई और सकल बिक्री मूल्य में 10% सीएजीआर की वृद्धि हुई।