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पेगासस स्पायवेयर के कारण पुनः एक बार निजता और सुरक्षा संबंधी मुद्दे चर्चा में आए हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल की हालिया रिपोर्टें दो प्रमुख भारतीय पत्रकारों के फोन को लक्षित करने में इसके उपयोग की ओर संकेत करती हैं, जिससे संभावित सरकारी भागीदारी के बारे में पूछताछ शुरू हो गई है।एमनेस्टी इंटरनेशनल 10 मिलियन से अधिक लोगों का एक वैश्विक आंदोलन है जो एक ऐसे भविष्य की परिकल्पना के लिये प्रतिबद्ध है जहाँ सभी के मानवाधिकारों को सुनिश्चित किया जा सके।

पेगासस स्पायवेयर

  • पेगासस स्पायवेयर एक अत्यधिक सुदृढ़ मोबाइल आवेक्षण टूल है जो विभिन्न ऐप्स और स्रोतों से डेटा तथा जानकारी एकत्र कर सेलफोन तक गुप्त रूप से पहुँच सकता है एवं निगरानी कर सकता है।
  • इसे इज़रायली साइबर-इंटेलिजेंस फर्म NSO ग्रुप द्वारा विकसित किया गया था, जो इसे मात्र अपराध तथा आतंकवाद की रोकथाम के लिये सरकारी एजेंसियों को बेचने का दावा करता है।
  • NSO उन पत्रकारों, वकीलों तथा मानवाधिकार रक्षकों को निशाना बनाने से बचने के लिये सुरक्षा उपायों पर ज़ोर देता है जो आतंक अथवा गंभीर अपराधों में शामिल नहीं हैं।

परिचालन प्रक्रिया

  • पेगासस डिवाइस को लक्षित करने के लिये “ज़ीरो-क्लिक” विधियों का उपयोग करता है, यह एक सॉफ्टवेयर है जो उपयोगकर्त्ता की सहमति के बिना उसके डिवाइस पर स्पायवेयर इंस्टॉल करने की अनुमति देता है।
  • स्पायवेयर को इंस्टॉलेशन के लिये किसी उपयोगकर्त्ता कार्रवाई की आवश्यकता नहीं होती है जो इसे नियमित ऐप्स से अलग करता है जिनके इंस्टॉलेशन में स्पष्ट उपयोगकर्त्ता पुष्टि की आवश्यकता होती है।
  • यह व्हाट्सएप, आईमैसेज या फेसटाइम जैसे ऐप्स में कमज़ोरियों का फायदा उठा सकता है और एक संदेश या कॉल भेज सकता है जो स्पायवेयर की स्थापना को ट्रिगर करता है, भले ही उपयोगकर्त्ता इसे न देखें या इसका जवाब न दें।
  • पेगासस एक स्पायवेयर है जो एप्पल उत्पादों पर स्पायवेयर तैनात करने के लिये ज़ीरो-डे भेद्यता की कमज़ोरियों का लाभ उठा सकता है।
  • ज़ीरो-डे भेद्यता एक ऑपरेटिंग सिस्टम में एक अनदेखा दोष या बग है जिसके बारे में मोबाइल फोन के निर्माता को अभी तक पता नहीं लग पाया है और इसलिये वह इसे ठीक करने में सक्षम नहीं है।

लक्ष्य

  • कई जाँचों और रिपोर्टों से पता चला है कि पेगासस स्पायवेयर का इस्तेमाल पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्त्ताओं, वकीलों, विपक्षी नेताओं और राष्ट्राध्यक्षों की जासूसी करने के लिये किया गया है।
  • जिन देशों पर अपने आलोचकों और दुश्मनों को निशाना बनाने के लिये पेगासस स्पायवेयर का उपयोग करने का आरोप लगाया गया है उनमें सऊदी अरब, मैक्सिको, भारत, मोरक्को, हंगरी, अज़रबैजान तथा रवांडा शामिल हैं।

आशय

  • पेगासस स्पायवेयर भ्रष्टाचार को उजागर करने, मानवाधिकारों की रक्षा करने तथा लोकतंत्र का समर्थन करने वाले व्यक्तियों एवं समूहों की गोपनीयता और सुरक्षा को खतरे में डालता है।
  • यह पत्रकारों के स्रोतों, तरीकों और सामग्रियों को उजागर करके, उनकी स्वतंत्रता से समझौता करके प्रेस की स्वतंत्रता को कमज़ोर करता है।
  • स्पायवेयर राष्ट्रों की संप्रभुता और स्थिरता के लिये खतरा उत्पन्न करता है, आंतरिक मामलों एवं निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में विदेशी हस्तक्षेप तथा जासूसी को सक्षम बनाता है।

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