Fri. Apr 3rd, 2026
  • सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाने के केंद्र सरकार के फैसले को बरकरार रखा है।
  • इस अनुच्छेद के तहत पूर्ववर्ती राज्य जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा दिया गया था।
  • 2019 में, केंद्र ने अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों – लद्दाख और जम्मू और कश्मीर में विभाजित कर दिया था।
  • चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान पीठ ने केंद्र के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के बाद यह फैसला दिया।
  • संविधान पीठ के अन्य चार न्यायाधीशों में न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, संजीव खन्ना, बीआर गवई और सूर्यकांत शामिल थे।
  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अनुच्छेद 370 एक अस्थायी प्रावधान था और इसे हटाने का अधिकार राष्ट्रपति के पास है।
  • अगस्त 2019 में कोर्ट ने लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग कर केंद्र शासित प्रदेश बनाने के फैसले को बरकरार रखा था।
  • कोर्ट ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अन्य राज्यों की तरह कोई आंतरिक संप्रभुता नहीं है और भारतीय संविधान के सभी प्रावधान जम्मू-कश्मीर पर लागू होते हैं।
  • न्यायाधीशों ने तीन अलग-अलग निर्णय दिये लेकिन अंतिम निर्णय सर्वसम्मत था।
  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को जल्द से जल्द राज्य का दर्जा बहाल किया जाना चाहिए।
  • पीठ ने चुनाव आयोग को सितंबर 2024 तक चुनाव कराने का भी निर्देश दिया।

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