- एक प्रसिद्ध यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, ममल्लापुरम में तट मंदिर, भारत का पहला हरित ऊर्जा पुरातत्व स्थल बन गया है।
- यह उपलब्धि ग्रीन हेरिटेज प्रोजेक्ट के सफल कार्यान्वयन के माध्यम से संभव हो सका है।
- ग्रीन हेरिटेज प्रोजेक्ट को रेनॉल्ट निसान टेक्नोलॉजी, बिजनेस सेंटर इंडिया (रेनॉल्ट निसान टेक) और हैंड इन हैंड इंडिया के साथ संयुक्त रूप से अधिकारियों द्वारा कार्यान्वित किया गया था।
- मंदिर को रोशन करने के लिए आवश्यक ऊर्जा सौर ऊर्जा संयंत्रों के माध्यम से उत्पन्न की जाती है।
- सौर संयंत्र न केवल तट मंदिर को रोशन करेंगे बल्कि नए स्थापित रिवर्स ऑस्मोसिस संयंत्र को भी बिजली प्रदान करेंगे।
- इससे आगंतुकों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति भी सुनिश्चित होगी।
- आगंतुकों को दर्शनीय स्थलों का आनंद लेने के लिए इलेक्ट्रिक बग्गियों की व्यवस्था की जाएगी।
तट मंदिर
- इसे 1984 में महाबलीपुरम में स्मारकों के समूह के हिस्से के रूप में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया था।
- यह दक्षिणी भारत के सबसे पुराने संरचनात्मक पत्थर के मंदिरों में से एक है।
- यह तमिलनाडु के महाबलीपुरम में स्थित है।
- मामल्लापुरम का तट मंदिर पल्लवन राजा राजसिम्हा/नरसिम्हावर्मन द्वितीय के शासनकाल के दौरान बनाया गया था।
