Sun. Apr 5th, 2026
  • हरियाणा सरकार ने घोषणा की कि जम्मू और कश्मीर डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी (JKDFP) अब गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत एक ‘गैरकानूनी संघ’ है।
  • यह संगठन 1998 से देश विरोधी गतिविधियों में शामिल है और इसके सदस्य भारत में अलगाववाद और आतंकवादी कृत्यों को बढ़ावा दे रहे हैं।
  • सरकार का दावा है कि इस संगठन के सदस्यों का लक्ष्य लोगों को भड़काना और कश्मीर को एक अलग इस्लामिक राज्य बनाना है, जो भारत की संप्रभुता, सुरक्षा और अखंडता को नुकसान पहुंचाता है। इस संगठन के खिलाफ यूएपीए, आईपीसी, आर्म्स एक्ट और रणबीर दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।

गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम

  • 8 जुलाई, 2019 को गृह मंत्री श्री अमित शाह ने लोकसभा में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) संशोधन विधेयक 2019 पेश किया। विधेयक का उद्देश्य गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967 में संशोधन करना है, जो विशेष प्रक्रियाओं के माध्यम से आतंकवादी गतिविधियों और संबंधित मुद्दों से निपटता है।
  • अधिनियम के तहत, केंद्र सरकार किसी संगठन को आतंकवादी के रूप में पहचान सकती है यदि वह आतंकवाद के कृत्यों में शामिल है या सहायता करता है, इसके लिए तैयारी करता है, इसे बढ़ावा देता है, या आतंकवाद के किसी अन्य रूप में शामिल है। विधेयक सरकार को समान मानदंडों के आधार पर व्यक्तियों को आतंकवादी के रूप में नामित करने की भी अनुमति देता है।
  • अधिनियम के अनुसार, कोई भी कार्य जो अनुसूची में सूचीबद्ध नौ संधियों में से किसी के दायरे में आता है, आतंकवादी कृत्य माना जाता है।

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