भारत में पाई जाने वाली 338 पक्षी प्रजातियों का अध्ययन किया गया है। इसमें कहा गया है कि पिछले 30 साल में भारत में पक्षियों की संख्या में 60 प्रतिशत में गिरावट आई है।25 अगस्त को जारी द स्टेट ऑफ इंडियाज़ बर्ड्स रिपोर्ट 2023 – 30,000 पक्षी दर्शकों के 30 मिलियन अवलोकनों पर आधारित है। इस रिपोर्ट के अनुसार भारतीय मोर जैसी प्रजातियाँ अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं किन्तु रैप्टर सहित कई अन्य प्रजातियाँ अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही हैं।25 अगस्त को जारी द स्टेट ऑफ इंडियाज़ बर्ड्स 2023 में पाया गया है कि जहां भारतीय मोर जैसी कुछ पक्षी प्रजातियां भारत में फल-फूल रही हैं, वहीं कई प्रजातियों में गिरावट आई है।देश भर में 30,000 पक्षी प्रेमियों द्वारा किए गए 30 मिलियन अवलोकनों पर आधारित यह रिपोर्ट देश भर में पक्षियों की आबादी के लिए प्रदूषण सहित प्रमुख खतरों पर भी प्रकाश डालती है। इसमें तत्काल संरक्षण कार्रवाई के लिए देश में 178 पक्षी प्रजातियों को “उच्च प्राथमिकता” के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। इनमें रूडी शेल्डक जैसे प्रवासी आर्द्रभूमि पक्षी और इंडियन कोर्सर जैसी निवासी प्रजातियाँ शामिल हैं।
पक्षियों की स्थिति
- भारत 1350 से अधिक पक्षी प्रजातियों का घर है। इनमे से कुछ स्थानिक हैं, जो जैव विविधता हॉटस्पॉट जैसे विशिष्ट क्षेत्रों तक ही सीमित हैं तथा दुनिया में कहीं और नहीं पाए जाते हैं।
- सफेद पेट वाला नीला फ्लाईकैचर ( एक छोटा पक्षी) को आप केवल दक्षिण भारत के पश्चिमी घाट में ही देख सकते हैं।
कुछ स्थानिक आवासीय पक्षी हैं
- इनमे ग्रेट इंडियन बस्टर्ड जमीन पर रहने वाले पक्षी हैं, जो घास के मैदानों तथा खुले आवासों तक ही सीमित हैं, जिन्हें मोटे तौर पर खुले प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र या वनीय पक्षी के रूप में जाना जाता है।
- दूसरी ओर, कुछ पक्षियों की प्रजाति जो विभिन्न आवास के प्रकारों और खाद्य संसाधनों के लिए अनुकूल हो सकती हैं; जैसे-राष्ट्रीय पक्षी, भारतीय मोर।
