पूर्वोत्तर भारत के विकास को बढ़ावा देने के लिये डिज़ाइन की गई पूर्वोत्तर क्षेत्र हेतु प्रधानमंत्री विकास पहल में क्षेत्र की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं के अनुरूप महत्त्वपूर्ण संशोधन किये गए हैं।ये नए दिशा-निर्देश 12 अक्तूबर, 2022 से प्रभावी सभी पीएम-डिवाइन परियोजनाओं को नियंत्रित करते हैं।इसके अतिरिक्त पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय 15वें वित्त आयोग की शेष अवधि (2022-2026) के दौरान कैबिनेट द्वारा अनुमोदित पूर्वोत्तर विशेष अवसंरचना विकास योजना (North East Special Infrastructure Development Scheme- NESIDS) को लागू करने के लिये नए योजना दिशा-निर्देश जारी करता है।
पीएम-डिवाइन योजना के संशोधित दिशा-निर्देश
परियोजना निरीक्षण और शासन
- MDoNER, NEC या केंद्रीय मंत्रालयों/एजेंसियों के माध्यम से कार्यान्वयन के साथ राज्य सरकारों, उत्तर-पूर्वी परिषद (North Eastern Council- NEC) और संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों के परामर्श से परियोजना चयन, अनुमोदन एवं निगरानी का निरीक्षण करेगा।
- ये दिशा-निर्देश प्रक्रिया की रूपरेखा तैयार करते हैं, जिसमें परियोजना की पहचान, चयन, DPR तैयार करना, मंज़ूरी, फंड जारी करना, निगरानी तथा परियोजना पूर्ण करना शामिल है।
अधिकार प्राप्त अंतर-मंत्रालयी समिति
- पीएम-डिवाइन के अंतर्गत विभिन्न कार्यों की देख-रेख के लिये अधिकार प्राप्त अंतर-मंत्रालयी समिति का गठन।
- इसकी अध्यक्षता पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के सचिव द्वारा की जाएगी।
राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति
- परियोजना की समीक्षा एवं अनुमोदन हेतु राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति का गठन।
- मुख्य सचिव, संबंधित सचिव और NEC के प्रतिनिधि इसके सदस्यों के अंतर्गत आते हैं।
पीएम-डिवाइन
- पीएम-डिवाइन योजना एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, इसे केंद्रीय बजट 2022-23 के एक हिस्से के रूप में पेश किया गया था।
- 12 अक्तूबर, 2022 को कैबिनेट ने पीएम-डिवाइन योजना को मंज़ूरी दी थी। यह पूर्णतः अर्थात् 100% केंद्र द्वारा वित्तपोषित है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि संसाधन सीधे-सीधे विकास पहलों के लिये आवंटित किये जाएँ।
- इसका क्रियान्वयन पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय द्वारा किया जाता है।
पीएम-डिवाइन के उद्देश्य
- अवसंरचना विकास: पीएम गति-शक्ति की भावना के अनुरूप, पीएम-डिवाइन का लक्ष्य संपूर्ण NER में निर्बाध कनेक्टिविटी और पहुँच सुनिश्चित करते हुए एक समेकित तरीके से अवसंरचना परियोजनाओं को वित्तपोषित करना है।
- सामाजिक विकास परियोजनाओं का समर्थन: NER की विशिष्ट ज़रूरतों और चुनौतियों की पहचान करते हुए यह योजना उन सामाजिक विकास परियोजनाओं का समर्थन करने का प्रयास करती है जो महत्त्वपूर्ण मुद्दों का समाधान कर क्षेत्र के निवासियों के जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार करती हैं।
- युवाओं और महिलाओं का सशक्तीकरण: पीएम-डिवाइन विशेष रूप से NER के युवाओं और महिलाओं को लक्षित करके आजीविका के अवसर उत्पन्न करने में मदद करती है, जिससे वे क्षेत्र के विकास और प्रगति में सक्रिय रूप से भाग लेने में सक्षम होंगे।
पीएम-डिवाइन के तहत अयोग्य परियोजनाएँ
- दीर्घकालिक व्यक्तिगत लाभ या “प्रत्यक्ष लाभ अंतरण” प्रदान करने वाली परियोजनाएँ।
- सरकारी कार्यालयों/एजेंसियों के प्रशासनिक भवनों या संस्थागत आवश्यकताओं के लिये परियोजनाएँ।
- अन्य MDoNER योजनाओं द्वारा सम्मिलित किये गए क्षेत्र और DoNER मंत्रालय द्वारा नकारात्मक सूची में निर्दिष्ट क्षेत्र।
