1 UPSC HINDI QUIZ 23.08.2023 Daily Quiz 1 / 5 Q1. मिनामाता कन्वेंशन की छठी वर्षगांठ से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः 1. पारा पर मिनामाटा कन्वेंशन , जो अपनी छठी वर्षगांठ का प्रतीक है, एक महत्वपूर्ण वैश्विक समझौता है जिसका उद्देश्य लोगों और पर्यावरण को पारा के जोखिम के हानिकारक प्रभावों से बचाना है। 2. पारा पर मिनामाटा कन्वेंशन मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण को पारा और उसके यौगिकों के प्रतिकूल प्रभावों से बचाने के लिए एक वैश्विक संधि है। उपर्युक्त में से कौन सा कथन सत्य है? केवल 1 केवल 2 1 व 2, दोनों दोनों कथन असत्य है। Explanation: पारा पर मिनामाटा कन्वेंशन , जो अपनी छठी वर्षगांठ का प्रतीक है, एक महत्वपूर्ण वैश्विक समझौता है जिसका उद्देश्य लोगों और पर्यावरण को पारा के जोखिम के हानिकारक प्रभावों से बचाना है। मिनामाता पारा पर मिनामाटा कन्वेंशन मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण को पारा और उसके यौगिकों के प्रतिकूल प्रभावों से बचाने के लिए एक वैश्विक संधि है। 2013 में जिनेवा, स्विट्जरलैंड में अंतर सरकारी वार्ता समिति के पांचवें सत्र में इस पर सहमति व्यक्त की गई थी। यह 2017 में लागू हुआ। पूरे जीवनचक्र में पारे के मानवजनित उत्सर्जन को नियंत्रित करना कन्वेंशन के तहत प्रमुख दायित्वों में से एक है। कन्वेंशन पारे के अंतरिम भंडारण और उसके अपशिष्ट हो जाने पर उसके निपटान, पारे से दूषित स्थलों के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर भी चर्चा करता है। भारत ने कन्वेंशन का अनुमोदन कर दिया है। 2 / 5 Q2. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः 1. पृथ्वी के वायुमंडल में मीथेन के स्तर में वृद्धि के कारण पृथ्वी पर होने वाले जलवायु परिवर्तन को लेकर चिंता और अधिक बढ़ गई है। 2. मीथेन सबसे सरल हाइड्रोकार्बन (Hydrocarbon) है, जिसमें एक कार्बन परमाणु तथा चार हाइड्रोजन परमाणु (CH4) होते हैं। 3. यह ज्वलनशील नहीं होता है तथा इसे पूरे विश्व में ईंधन के रूप में उपयोग नहीं किया जाता है। उपर्युक्त दिया गया कौन सा कथन सही हैं ? 1 और 2 सही हैं 1 और 3 सही हैं 2 और 3 सही हैं उपर्युक्त सभी सही हैं Explanation: पृथ्वी के वायुमंडल में मीथेन के स्तर में वृद्धि के कारण पृथ्वी पर होने वाले जलवायु परिवर्तन को लेकर चिंता और अधिक बढ़ गई है। मीथेन, जो कि एक प्रमुख ग्रीनहाउस गैस है, की निरंतर वृद्धि को देखते हुए सवाल उठता है कि क्या पृथ्वी पिछले जलवायु परिवर्तनों के समान 'टर्मिनेशन लेवल ट्रांज़िशन (पृथ्वी की जलवायु में एक स्थिति से दूसरी स्थिति में महत्त्वपूर्ण और तीव्र बदलाव अथवा समाप्ति-स्तर का संक्रमण)' का सामना कर रही है। मीथेन मीथेन सबसे सरल हाइड्रोकार्बन (Hydrocarbon) है, जिसमें एक कार्बन परमाणु तथा चार हाइड्रोजन परमाणु (CH4) होते हैं। यह ज्वलनशील है तथा इसे पूरे विश्व में ईंधन के रूप में उपयोग किया जाता है। मीथेन एक शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस (Greenhouse Gas) है। वायुमंडल में अपने जीवन काल के पहले 20 वर्षों में मीथेन की गर्म करने की क्षमता कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में 80 गुना अधिक है। मीथेन उत्सर्जन का लगभग 60 फीसदी हिस्सा जीवाश्म ईंधन के उपयोग, खेती, लैंडफिल और अपशिष्ट से आता है। शेष प्राकृतिक स्रोतों, विशेष रूप से उष्णकटिबंधीय तथा उत्तरी आर्द्रभूमि में सड़ने वाली वनस्पति से है। 3 / 5 Q3. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः 1. नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने हाल ही में एक स्पष्ट ग्रीन हाइड्रोजन मानक को परिभाषित किया है, जो 'हरित' के रूप में वर्गीकृत हाइड्रोजन उत्पादन के लिये उत्सर्जन सीमा निर्धारित करता है। 2. यह महत्त्वपूर्ण विकास भारत को स्थायी ऊर्जा समाधानों की दिशा में वैश्विक प्रयासों में सबसे पीछे रखता है। उपर्युक्त में से कौन सा कथन सत्य है? केवल 1 केवल 2 1 व 2, दोनों दोनों कथन असत्य है। Explanation: नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने हाल ही में एक स्पष्ट ग्रीन हाइड्रोजन मानक को परिभाषित किया है, जो 'हरित' के रूप में वर्गीकृत हाइड्रोजन उत्पादन के लिये उत्सर्जन सीमा निर्धारित करता है।यह महत्त्वपूर्ण विकास भारत को स्थायी ऊर्जा समाधानों की दिशा में वैश्विक प्रयासों में सबसे आगे रखता है। हरित हाइड्रोजन की परिभाषा "हरित हाइड्रोजन" का अर्थ नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करके हाइड्रोजन का उत्पादन करना है, जिसमें इलेक्ट्रोलिसिस या बायोमास के रूपांतरण के माध्यम से उत्पादन शामिल है, लेकिन यह इन्हीं तक सीमित नहीं है। नवीकरणीय स्रोतों से उत्पादित विद्युत भी नवीकरणीय ऊर्जा है, जिसे नियमानुसार ग्रिड से जोड़कर अथवा ऊर्जा भंडारण उपकरण में संगृहीत कर रखा जाता है। 4 / 5 Q4. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः 1. रूस का लूना-25 चंद्रमा की सतह पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे पूर्व सोवियत संघ द्वारा आखिरी लैंडिंग के 47 साल बाद चंद्रमा की सतह पर भेजा गया उसका पहला मिशन समाप्त हो गया। 2. भारत का चंद्रयान-3 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरने वाला पहला अंतरिक्ष यान बनने की राह पर है। 3. रूस का लूना-25 चंद्र अन्वेषण में स्पर्द्धा एवं दिलचस्पी दोनों दर्शाता है जिस कारण उसने लूना शृंखला को जारी रखने की योजना बनाई। उपर्युक्त दिया गया कौन सा कथन सही हैं ? 1 और 2 सही हैं 1 और 3 सही हैं 2 और 3 सही हैं उपर्युक्त सभी सही हैं Explanation: रूस का लूना-25 चंद्रमा की सतह पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे पूर्व सोवियत संघ द्वारा आखिरी लैंडिंग के 47 साल बाद चंद्रमा की सतह पर भेजा गया उसका पहला मिशन समाप्त हो गया। भारत का चंद्रयान-3 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरने वाला पहला अंतरिक्ष यान बनने की राह पर है। रूस का लूना-25 चंद्र अन्वेषण में स्पर्द्धा एवं दिलचस्पी दोनों दर्शाता है जिस कारण उसने लूना शृंखला को जारी रखने की योजना बनाई। लूना-25 मिशन लूना 25 मिशन, जिसे मूल रूप से लूना-ग्लोब (Luna-Glob) नाम दिया गया था, 1976 में शुरू की गई ऐतिहासिक लूना शृंखला में शामिल होने से पहले इसके विकास में दो दशकों से अधिक का समय लगा। इस मिशन का उद्देश्य अंतरिक्ष अन्वेषण और भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में इसके महत्त्व को देखते हुए चंद्रमा की सतह तक रूस की पहुँच को सुरक्षित करना था। रूस और चीन अंतर्राष्ट्रीय चंद्र अनुसंधान स्टेशन (International Lunar Research Station- ILRS) का नेतृत्व करते हैं, जबकि अमेरिका आर्टेमिस समझौते (Artemis Accords) का नेतृत्व करता है। 5 / 5 Q5. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः 1. हरियाणा के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने वृक्षारोपण अभियान के दौरान वृक्षों, वन और वन्यजीवों से संबंधित खतरों एवं अपराधों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक पोर्टल शुरू किया है। 2. श्री राय ने कहा, पोर्टल https://ghl.eForest.delhi.gov.in के माध्यम से लोग अपनी शिकायत की स्थिति की जांच कर सकते हैं और इससे सरकार के भीतर बेहतर समन्वय भी संभव होगा। उपर्युक्त में से कौन सा कथन सत्य है? केवल 1 केवल 2 1 व 2, दोनों दोनों कथन असत्य है। Explanation: दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने रोहिणी में वृक्षारोपण अभियान के दौरान वृक्षों, वन और वन्यजीवों से संबंधित खतरों एवं अपराधों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक पोर्टल शुरू किया है। श्री राय ने कहा, पोर्टल https://ghl.eForest.delhi.gov.in के माध्यम से लोग अपनी शिकायत की स्थिति की जांच कर सकते हैं और इससे सरकार के भीतर बेहतर समन्वय भी संभव होगा। उन्होंने कहा कि यह पोर्टल ग्रीन हेल्पलाइन (1800-11-8600) के माध्यम से प्राप्त होने वाली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के लिए एक केंद्रीकृत मंच के रूप में कार्य करेगा और नाजुक परिस्थितियों में समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। इस पोर्टल में हेल्पलाइन पर दर्ज सभी शिकायतें रिकॉर्ड होंगी। इसके अलावा संबंधित शिकायतों पर की गई कार्रवाई के बारे में यहां से जानकारी मिलती रहेगी। श्री राय ने कहा कि इससे संबंधित विभाग की जवाबदेही बढ़ेगी। श्री राय के अनुसार, यह पारदर्शिता सुनिश्चित करती है कि हितधारक किए गए कार्यों की स्थिति को आसानी से ट्रैक कर सकते हैं, जवाबदेही और प्रभावी सहयोग को बढ़ावा दे सकते हैं। जिन मुद्दों को पोर्टल के माध्यम से रिपोर्ट और संबोधित किया जा सकता है उनमें पेड़ों को नुकसान, वन भूमि पर अतिक्रमण के प्रयास, वन्यजीवों के लिए खतरा, बचाव की आवश्यकता वाले वन्यजीव और अन्य वन्यजीव अपराध शामिल हैं। Your score is LinkedIn Facebook Twitter VKontakte Post navigation UPSC QUIZ 22.08.2023 UPSC QUIZ 24.08.2023