भारतीय विज्ञान संस्थान और भारतीय वन्यजीव संस्थान के पारिस्थितिक विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा किये गए एक हालिया अध्ययन में फूलों का रस (Nectar) और फल खाने वाली भारत की सबसे बड़ी चमगादड़ प्रजाति फ्लाइंग फॉक्स बैट (Pteropus giganteus) के विषय में नई जानकारियाँ प्राप्त हुई हैं। फ्लाइंग फॉक्स बैट रात के समय में विचरण गतिविधि के अतिरिक्त दिन की अवधि का एक बड़ा हिस्सा वातावरण की निगरानी करने में बिताते हुए पाए गए।
फ्लाइंग फॉक्स
- यह चमगादड़ मेगा बैट है जिसे फ्लाइंग फॉक्स यानी उड़ने वाली लोमड़ी भी कहते हैं।
- इस प्रजाति के चमगादड़ को विश्व में पाए जाने वाले बड़ी काया/शरीर वाले चमगादड़ों में से एक माना गया है।
- यह भारतीय उप महाद्वीप में पाई जाने वाली फ्लाइंग फॉक्स की एक प्रजाति है।
- यह चमगादड़ फलाहारी है। यह पूरी तरह लोमड़ी तो नहीं है, बल्कि एक प्रकार का चमगादड़ है, जिसका चेहरा और सिर लोमड़ी से मिलता-जुलता है।
- ये फ्लाइंग फॉक्स उष्णकटिबंधीय जंगलों और दलदल में रहते हैं।
- इंडियन फ़्लाइंग फ़ॉक्स चमगादड़ों के टेरोपोडिडे परिवार से आता है।
- टेरोपोडिडे परिवार के टेरोपस जीनस वाले सभी चमगादड़ निपाह वायरस के प्राकृतिक वाहक हैं।
- इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर एंड नेचुरल रिसोर्सेज (IUCN) के अनुसार , सभी उड़ने वाली लोमड़ी प्रजातियों में से लगभग आधी की आबादी घट रही है ।
- इन प्रजातियों में से, IUCN 15 को असुरक्षित और 11 को लुप्तप्राय के रूप में वर्गीकृत करता है ।
- उड़ने वाली लोमड़ियों को पहले सबऑर्डर मेगाचिरोप्टेरा में वर्गीकृत किया गया था, लेकिन अधिकांश शोधकर्ता अब उन्हें सबऑर्डर यिनप्टरोचिरोप्टेरा में रखते हैं, जिसमें सुपरफैमिली राइनोलोफोइडिया भी शामिल है,
- उड़ने वाली लोमड़ियों की विविध प्रजातियां जिसमें घोड़े की नाल चमगादड़ , त्रिशूल चमगादड़, माउस-पूंछ वाले चमगादड़ और अन्य शामिल हैं।
अध्ययन के प्रमुख बिंदु
- अध्ययन से पता चला है कि अपने रात्रिचर स्वभाव के विपरीत टेरोपस गिगेंटस दिन के समय में अधिक सतर्क देखे गए हैं, दिन की लगभग 7% अवधि वे किसी भी प्रकार के खतरे का आकलन करने में व्यतीत करते हैं।
- यह अध्ययन चमगादड़ों की इस प्रजाति की सामाजिक सतर्कता (आस-पास के अन्य जीवों के साथ किसी प्रकार के संघर्ष संबंधी निगरानी) और पर्यावरणीय सतर्कता (आस-पास के जोखिमों के संकेतों पर नज़र रखना) के बीच अंतर-बोध को दर्शाता है।
- इस अध्ययन में पाया गया है कि वृक्षों के बीच चमगादड़ों की स्थानिक स्थिति के आधार पर सतर्कता का स्तर अलग-अलग होता है, जो उनके संबंध में कोर प्रभाव के अनुमान की पुष्टि करता है।
- इन चमगादड़ों को फूलों का रस और फल खाने वाली प्रमुख प्रजाति के रूप में जाना जाता है, जो परागणक के रूप में और बीज फैलाव में महत्त्वपूर्ण योगदान देते हैं, इस प्रकार पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य और जैव विविधता को बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- कीस्टोन प्रजाति (Keystone Species) वह है जो अपनी प्रचुरता के सापेक्ष प्राकृतिक पर्यावरण पर असमान रूप से बड़ा प्रभाव डालती है, एक पारिस्थितिकी तंत्र में कई अन्य जीवों को प्रभावित करती है तथा एक पारिस्थितिक समुदाय में अन्य प्रजातियों के प्रकार और संख्या को निर्धारित करने में सहायता करती है।
- यह निष्कर्ष इसकी पारिस्थितिक भूमिका के संरक्षण तथा पारिस्थितिकी तंत्र के समग्र संतुलन को सुनिश्चित करने के लिये टेरोपस गिगेंटस (Pteropus Giganteus) और इसके निवास स्थान की रक्षा करने की तात्कालिकता पर ज़ोर देते हैं।
