2 UPSC HINDI QUIZ 16.08.2023 Daily Quiz 1 / 5 Q1. प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः 1. नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन के लिए राज्यों का केंद्र के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) अनिवार्य है, किंतु कुछ राज्य प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान के खिलाफ हैं। 2. पीएम-उषा योजना में केंद्र और राज्यों के बीच 60:80 के फंडिंग पर आधारित है, किंतु इसमें एनईपी सुधारों के लिए कोई अतिरिक्त प्रावधान नहीं है। उपर्युक्त में से कौन सा कथन सत्य है? केवल 1 केवल 2 1 व 2, दोनों दोनों कथन असत्य है। Explanation: नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन के लिए राज्यों का केंद्र के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) अनिवार्य है, किंतु कुछ राज्य प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान के खिलाफ हैं। पीएम-उषा योजना में केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 के फंडिंग पर आधारित है, किंतु इसमें एनईपी सुधारों के लिए कोई अतिरिक्त प्रावधान नहीं है। PM-USHA योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आलोक में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (Rashtriya Uchchatar Shiksha Abhiyan- RUSA) योजना को जून 2023 में "प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान PM-USHA" के रूप में लॉन्च किया गया। RUSA, एक केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में अक्तूबर 2013 में शुरू की गई थी, जिसका लक्ष्य पूरे देश में उच्च शिक्षा संस्थानों को रणनीतिक वित्तपोषण प्रदान करना है। 2 / 5 Q2. राष्ट्रीय पांडुलिपि विधेयक, 2023 से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः 1. भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत इसकी प्राचीन पांडुलिपियों में समाहित है, जो अमूल्य ज्ञान का भण्डार हैं और अपना एक ऐतिहासिक महत्त्व रखती हैं। 2. भारत सरकार राष्ट्रीय पांडुलिपि विधेयक, 2023 के माध्यम से इस समस्या का हल करने की तैयारी में जुटी हुई है। 3. यह विधेयक 20 सदस्यों वाले राष्ट्रीय पांडुलिपि प्राधिकरण की स्थापना का प्रस्ताव रखता है, जिसकी अध्यक्षता संस्कृति मंत्री द्वारा की जायेगी, साथ ही इसमें संस्कृति, वित्त, शिक्षा और निजी एजेंसियों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। उपर्युक्त दिया गया कौन सा कथन सही हैं ? 1 और 2 सही हैं 1 और 3 सही हैं 2 और 3 सही हैं उपर्युक्त सभी सही हैं Explanation: भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत इसकी प्राचीन पांडुलिपियों में समाहित है, जो अमूल्य ज्ञान का भण्डार हैं और अपना एक ऐतिहासिक महत्त्व रखती हैं। हालाँकि, इनमें से कई पांडुलिपियों का देश के भीतर और बाहर खो जाना अथवा नष्ट हो जाना चिंता का विषय बन गया है। भारत सरकार राष्ट्रीय पांडुलिपि विधेयक, 2023 के माध्यम से इस समस्या का हल करने की तैयारी में जुटी हुई है। मुख्य बिन्दु इस विधेयक का प्राथमिक उद्देश्य विश्व भर में भारतीय विरासत ग्रंथों का दस्तावेज़ीकरण और सूचीबद्ध करना, सटीक जानकारी बनाए रखना और परामर्श शर्तें निर्दिष्ट करना है। यह विधेयक 10 सदस्यों वाले राष्ट्रीय पांडुलिपि प्राधिकरण (National Manuscripts Authority- NMA) की स्थापना का प्रस्ताव रखता है, जिसकी अध्यक्षता संस्कृति मंत्री द्वारा की जायेगी, साथ ही इसमें संस्कृति, वित्त, शिक्षा और निजी एजेंसियों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। यह प्राधिकरण पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण, संरक्षण, संपादन और प्रकाशन की देखरेख का कार्य करेगा। 3 / 5 Q3. प्रथम मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग स्कैनर से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः 1. भारत ने स्वदेशी रूप से विकसित प्रथम मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग स्कैनर (MRI scanner) का शुभारंभ किया। 2. यह लागत प्रभावी, कम भार वाले, अत्यधिक तीव्र (अल्ट्राफास्ट), 1.5 टेस्ला के उच्च क्षेत्र वाले अगली पीढ़ी के मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) स्कैनर है। उपर्युक्त में से कौन सा कथन सत्य है? केवल 1 केवल 2 1 व 2, दोनों दोनों कथन असत्य है। Explanation: भारत ने स्वदेशी रूप से विकसित प्रथम मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग स्कैनर (MRI scanner) का शुभारंभ किया। यह लागत प्रभावी, कम भार वाले, अत्यधिक तीव्र (अल्ट्राफास्ट), 1.5 टेस्ला के उच्च क्षेत्र वाले अगली पीढ़ी के मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) स्कैनर है। वॉक्सेलग्रिड्स इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड ने राष्ट्रीय बायोफार्मा मिशन के अंतर्गत एमआरआई स्कैनर को विकसित किया है इस स्कैनर में तरल हीलियम के बजाय तरल नाइट्रोजन का उपयोग किया जा सकता है। एमआरआई ऊतकों की त्रि-आयामी छवियां प्रदान करने और ट्यूमर की पहचान करने वाला सबसे अच्छा उपकरण है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एक अनुसंधान एवं विकास संगठन ने 2015 में भारतीय एमआरआई मशीन बनाने के लिए समीर नामक एक कार्यक्रम शुरू किया था। 4 / 5 Q4. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः 1. NCERT ने कक्षा 3 से 12 तक की पाठ्यपुस्तकों को संशोधित करने के लिए NIEPA के चांसलर एम.सी. पंत की अध्यक्षता में 29 सदस्यीय राष्ट्रीय पाठ्यक्रम और शिक्षण शिक्षण सामग्री समिति (NSTC) की स्थापना की है। 2. इन सदस्यों में सुधा मूर्ति, शंकर महादेवन, संजीव सान्याल और अन्य शामिल हैं। 3. इस समिति का लक्ष्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF-SE) के साथ पाठ्यक्रम को संरेखित करना है। उपर्युक्त दिया गया कौन सा कथन सही हैं ? 1 और 2 सही हैं 1 और 3 सही हैं 2 और 3 सही हैं उपर्युक्त सभी सही हैं Explanation: NCERT ने कक्षा 3 से 12 तक की पाठ्यपुस्तकों को संशोधित करने के लिए NIEPA के चांसलर एम.सी. पंत की अध्यक्षता में 19 सदस्यीय राष्ट्रीय पाठ्यक्रम और शिक्षण शिक्षण सामग्री समिति (NSTC) की स्थापना की है। इन सदस्यों में सुधा मूर्ति, शंकर महादेवन, संजीव सान्याल और अन्य शामिल हैं। इस समिति का लक्ष्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF-SE) के साथ पाठ्यक्रम को संरेखित करना है। गणितज्ञ मंजुल भार्गव की सह-अध्यक्षता में, समिति शिक्षण सामग्री विकसित करेगी और पाठ्यचर्या क्षेत्र समूहों द्वारा सहायता प्रदान की जाएगी। वह एक अकादमिक और राष्ट्रीय शैक्षिक योजना और प्रशासन संस्थान (NIEPA) के चांसलर हैं। वह इस 19 सदस्यीय विविध समिति के अध्यक्ष होंगे। मंजुल भार्गव एक गणितज्ञ और प्रिंसटन विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं। संख्या सिद्धांत और गणित शिक्षा में उनके योगदान के लिए उन्हें कई पुरस्कार मिले हैं। 5 / 5 Q5. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः 1. कोलंबो में ईस्ट कंटेनर टर्मिनल परियोजना के लिये संयुक्त भारत-जापान समझौता ज्ञापन रद्द होने के बाद भारत, जापान और नेपाल त्रिपक्षीय सहयोग को फिर से शुरू करने पर विचार कर रहे हैं। 2. भारत और नेपाल एक मुक्त, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र (FOIIP) का दृष्टिकोण साझा करते हैं। उपर्युक्त में से कौन सा कथन सत्य है? केवल 1 केवल 2 1 व 2, दोनों दोनों कथन असत्य है। Explanation: कोलंबो में ईस्ट कंटेनर टर्मिनल परियोजना के लिये संयुक्त भारत-जापान समझौता ज्ञापन रद्द होने के बाद भारत, जापान और श्रीलंका त्रिपक्षीय सहयोग को फिर से शुरू करने पर विचार कर रहे हैं। हालाँकि पिछले वर्ष के आर्थिक संकट के दौरान भारत और जापान द्वारा श्रीलंका का बचाव करने और श्रीलंका की ऋण पुनर्गठन प्रक्रिया में सहायता करने के बाद से तीनों देश त्रिपक्षीय सहयोग की दिशा में काम कर रहे हैं। भारत और जापान एक मुक्त, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र (FOIIP) का दृष्टिकोण साझा करते हैं। भारत तथा जापान नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रिड कनेक्टिविटी परियोजनाओं, तेल पाइपलाइन हब के रूप में श्रीलंका के त्रिंकोमाली के विकास, कनेक्टिविटी एवं पर्यटन तथा शिक्षा जैसी जन-केंद्रित परियोजनाओं पर एक साथ काम कर सकते हैं। राष्ट्रपति विक्रमसिंघे (श्रीलंका) और भारत के प्रधानमंत्री के बीच संयुक्त आर्थिक विज़न वक्तव्य (Joint Economic Vision Statement) निजी क्षेत्र के नेतृत्त्व वाले निवेश के साथ परिवर्तनकारी परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार करता है। Your score is LinkedIn Facebook Twitter VKontakte Post navigation UPSC QUIZ 15.08.2023 UPSC QUIZ 17.08.2023