राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव-‘उन्मेष’ (Unmesha) और लोक और जनजातीय कला महोत्सव- ‘उत्कर्ष’ (Utkarsh) का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि साहित्य समाज से जोड़ता है और साथ ही लोगों को भी एक-दूसरे से जोड़ता है।
राष्ट्रपति ने कहा कि साहित्य ने मानवता को आईना दिखाया है, बचाया भी है और आगे भी बढ़ाया है। साहित्य और कला ने संवेदना और करुणा को, यानी मनुष्य की मानवता को सुरक्षित रखा है। मानवता की रक्षा के इस परम पवित्र अभियान में भागीदार बनने के लिए लेखक एवं कलाकार प्रशंसा के पात्र हैं।