भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने रिटेल डायरेक्ट पोर्टल में ट्रेजरी बिल (T-Bills) के लिए ऑटो-बिड (Auto-bid) सुविधा शुरू की है, जिससे खुदरा निवेशकों के लिए सरकारी प्रतिभूतियों (G-Secs) में निवेश प्रक्रिया और आसान हो जाएगी।
| RBI Retail Direct Scheme: नवंबर 2021 में लॉन्च, जिसका उद्देश्य खुदरा निवेशकों को बिना बिचौलियों के सीधे सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश का अवसर प्रदान करना है।ट्रेजरी बिल (T-Bills): अल्पावधि (Short-term) सरकारी ऋण साधन, जिनकी अवधि 91, 182 और 364 दिन होती है।अब तक निवेशक हर नीलामी में मैन्युअल रूप से बोली लगाते थे। |
ऑटो–बिड सुविधा – मुख्य बिंदु
- स्वचालित बोली लगाना – निवेशक एक बार निर्देश सेट कर सकते हैं, जिसके बाद प्रणाली हर नीलामी में स्वतः बोली लगाएगी।
- समय की बचत – बार-बार लॉगिन और बोली प्रक्रिया दोहराने की आवश्यकता नहीं।
- सुविधा और सुलभता – दीर्घकालिक निवेशकों और नियमित T-Bill खरीदारों के लिए उपयोगी।
महत्व
- वित्तीय समावेशन: अधिक खुदरा निवेशकों को सरकारी प्रतिभूतियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहन।
- लिक्विडिटी बढ़ाना: सरकारी ऋण बाजार में खुदरा निवेशकों की भागीदारी बढ़ेगी।
- डिजिटल सुविधा: निवेश प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और सरल बनाना।
