Mon. Jun 15th, 2026
  • भारत की अर्थव्यवस्था 2024-25 की तीसरी तिमाही में 6.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी।
  • राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में अक्टूबर-दिसंबर 2024 (Q3 FY25) के दौरान 6.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
  • दूसरी तिमाही में, भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 5.6% थी।
  • वित्त वर्ष 2024-25 में वास्तविक जीडीपी में 6.4 प्रतिशत की तुलना में 6.5 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।
  • एनएसओ ने 2023-24 के लिए जीडीपी वृद्धि को भी संशोधित कर 8.2 प्रतिशत के पहले के अनुमान के मुकाबले 9.2 प्रतिशत कर दिया।
  • जनवरी के अंत में सरकार का राजकोषीय घाटा पूरे साल के लक्ष्य के 74.5 प्रतिशत पर पहुंच गया।
  • अप्रैल-जनवरी 2024-25 की अवधि के दौरान राजकोषीय घाटा 11,69,542 करोड़ रुपये था।
  • निर्माण’ क्षेत्र में 8.6 प्रतिशत की दर से वृद्धि होने का अनुमान है, इसके बाद ‘वित्तीय, रियल एस्टेट और व्यावसायिक सेवा’ क्षेत्र का स्थान है।
  • निजी अंतिम उपभोग व्यय (पीएफसीई) में 2024-25 के दौरान 7.6 प्रतिशत की अच्छी वृद्धि दर्ज करने की उम्मीद है।
  • केंद्र सरकार का शुद्ध कर राजस्व 19.03 लाख करोड़ रुपये (2024-25 के संशोधित अनुमान का 74.4 प्रतिशत) रहा।
  • केंद्र का कुल व्यय 35.7 लाख करोड़ रुपये (संशोधित अनुमान का 75.7 प्रतिशत) रहा।

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