राजस्थान सरकार ने बल, धोखाधड़ी या प्रलोभन से किए जाने वाले धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए एक विधेयक पेश किया।
राज्य विधानसभा में गैरकानूनी धर्म परिवर्तन प्रतिषेध विधेयक, 2025 पेश किया गया है।
इसमें विभिन्न अपराधों के लिए 10 साल तक की कैद और 50,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
इस विधेयक के तहत, अपराध संज्ञेय, गैर-जमानती होंगे और अदालत द्वारा विचारणीय होंगे।
विधेयक के प्रावधानों के तहत बहका कर, बलपूर्वक, अनुचित प्रभाव, जबरदस्ती, प्रलोभन या किसी कपटपूर्ण तरीके द्वारा धर्म परिवर्तन या विवाह द्वारा धर्म परिवर्तन को अपराध बनाया गया है।
जो कोई भी अपना धर्म परिवर्तन करना चाहता है, उसे कम से कम 60 दिन पहले जिला मजिस्ट्रेट को निर्धारित प्रपत्र में घोषणा पत्र देना होगा।
इससे राज्य के कुछ क्षेत्रों में “लव जिहाद’ की बढ़ती घटनाओं” को रोकने में मदद मिलेगी।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने विधेयक पेश किया।