Skip to content
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने युद्धक्षेत्र निगरानी प्रणाली ‘संजय’ को हरी झंडी दिखाई।
- युद्धक्षेत्र निगरानी प्रणाली ‘संजय’ से युद्धक्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी।
- यह अत्याधुनिक सेंसर और अत्याधुनिक एनालिटिक्स से लैस है और भविष्य के युद्धक्षेत्र को बदल देगा।
- इसे मार्च 2025 से तीन चरणों में भारतीय सेना में शामिल किया जाएगा।
- इसे भारतीय सेना और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा स्वदेशी और संयुक्त रूप से विकसित किया गया है।
- इसे दो हजार 402 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है।
- यह विशाल भूमि सीमाओं की निगरानी करने, घुसपैठ को रोकने और अद्वितीय सटीकता के साथ स्थितियों का आकलन करने में मदद करेगा।
- यह कमांडरों को नेटवर्क केंद्रित वातावरण में पारंपरिक और उप-पारंपरिक दोनों ऑपरेशनों में काम करने में सक्षम बनाएगा।
error: Content is protected !!