भारत सरकार ने कृषि और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र से जुड़े दो फैसले लिए हैं।
2025-26 के विपणन सत्र के लिए सरकार ने कच्चे जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाकर 5,650 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है, जो पिछले सत्र की तुलना में 315 रुपये अधिक है।
इस वृद्धि से कच्चे जूट उत्पादन में लगे लगभग 40 लाख परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को दो और वर्षों के लिए बढ़ाने को मंजूरी दी है।
2021 में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कार्यान्वयन को 2026 तक पाँच वर्षों के लिए बढ़ा दिया।
इस मिशन ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, रोग उन्मूलन और स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढाँचे में सुधार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
विशेष रूप से, भारत के मातृ मृत्यु अनुपात में 1990 के बाद से 83% की गिरावट आई है, जो वैश्विक गिरावट 45% से कहीं अधिक है।
इसके अतिरिक्त, देश ने खसरा और रूबेला टीकाकरण अभियान में 97.98% कवरेज सफलतापूर्वक हासिल कर ली है, जिससे इसकी स्वास्थ्य देखभाल उपलब्धियों को और बल मिला है।