केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में भारत जलवायु मंच 2025 में भारत क्लीनटेक विनिर्माण मंच का शुभारंभ किया।
यह मंच सौर, पवन, हाइड्रोजन और बैटरी भंडारण क्षेत्रों में भारत की स्वच्छ प्रौद्योगिकी मूल्य श्रृंखलाओं को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन की गई एक पहल है।
यह मंच नवाचार को बढ़ावा देगा और भारत को स्थिरता में वैश्विक नेता बनने में मदद करेगा।
मंत्री ने यह भी बताया कि उत्पाद-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) और सब्सिडी स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास और विकास के लिए हानिकारक हैं।
पीएलआई योजना केवल इस क्षेत्र को गति देने में मदद कर सकती है, लेकिन स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनने का प्रयास करना चाहिए।
मंत्री ने आशा व्यक्त की कि फोरम के प्रतिभागी 2030 तक देश में 500 गीगावाट स्वच्छ ऊर्जा स्रोत स्थापित करने के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल होंगे।
भारत 2015 में जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसीसी) और पेरिस समझौते में प्रस्तुत अपने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनसीडी) को पूरा करने में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले देशों में से एक रहा है।