Thu. Aug 13th, 2026
  • भारत की पहली बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली इस साल मार्च में दक्षिण दिल्ली के किलोकरी में शुरू होगी।
  • यह भारत की पहली वाणिज्यिक उपयोगिता-स्तरीय बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीइएसएस) होगी।
  • यह बैटरियों का 20 मेगावाट (मेगावाट)/40 मेगावाट घंटा (मेगावाट घंटा) समूह है।
  • यह एक दिन में चार घंटे, दिन के दौरान दो घंटे और रात में दो घंटे, बिजली की आपूर्ति कर सकता है।
  • यह दक्षिण दिल्ली के किलोकरी गांव में बीएसईएस राजधानी के बिजली उप-स्टेशन का हिस्सा है।
  • बीएसईएस राजधानी दिल्ली की सबसे बड़ी बिजली वितरण कंपनी है।
  • यह रिलायंस समूह और दिल्ली सरकार के बीच एक संयुक्त उद्यम है।
  • इस परियोजना को दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग ने मंजूरी दे दी है।
  • इस परियोजना पर कुल 14 मिलियन डॉलर या लगभग ₹120 करोड़ खर्च होंगे।
  • इस परियोजना के मुख्य वित्तपोषक ग्लोबल एनर्जी अलायंस फॉर पीपल एंड प्लेनेट (जीइएपीपी) अक्षय ऊर्जा निवेश के उद्देश्य से गैर-लाभकारी संगठनों का एक गठबंधन है।
  • जीईएपीपी का लक्ष्य 2026 तक भारत में 1 गीगावाट बीईएसएस प्रतिबद्धता हासिल करना है। भारत का लक्ष्य 2032 तक 47 गीगावाट बीईएसएस स्थापित करना है।

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