संबंधों को बढ़ावा देने के लिए अमेरिका भारतीय परमाणु इकाइयों पर से प्रतिबंध हटाएगा।
अमेरिकी सरकार भारतीय परमाणु संस्थाओं पर प्रतिबंध हटाने की योजना बना रही है।
इन प्रतिबंधों ने प्रमुख भारतीय परमाणु संस्थाओं और अमेरिकी कंपनियों के बीच सहयोग को रोक दिया है।
यह 2005 के ऐतिहासिक असैन्य परमाणु समझौते को लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते पर 2008 में हस्ताक्षर किए गए थे, लेकिन नियामक बाधाओं के कारण भारत को अमेरिकी परमाणु रिएक्टरों की आपूर्ति की योजना लागू नहीं हो पाई।
परमाणु ऊर्जा विभाग से जुड़े कई संगठन परमाणु सहयोग और वाणिज्य के लिए प्रतिबंधित संस्थाओं की सूची में हैं।
इसमें भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी), इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र (आईजीसीएआर) आदि शामिल हैं।
अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के सुरक्षा उपायों के अंतर्गत शामिल नहीं होने वाले परमाणु रिएक्टर भी अमेरिका द्वारा सूचीबद्ध भारतीय परमाणु संस्थाओं में से हैं।