जुलाई में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 2.7 अरब डॉलर बढ़ा
- भारत की अर्थव्यवस्था से जुड़ी एक अच्छी खबर सामने आई है। जुलाई के महीने में देश का विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) तेज़ी से बढ़कर 2.7 अरब डॉलर की बढ़त के साथ एक नई ऊँचाई पर पहुँच गया है। यह वृद्धि भारत की आर्थिक स्थिरता और वैश्विक निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।
- भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, इस बढ़ोतरी के बाद देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार अब 653.9 अरब डॉलर तक पहुँच चुका है। यह दुनिया के सबसे बड़े भंडारों में से एक बन गया है।
भंडार में बढ़ोतरी के प्रमुख कारण
- विदेशी पूंजी का प्रवाह: जुलाई में भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) और पोर्टफोलियो निवेश (FPI) में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। विदेशी निवेशकों का भारत की ग्रोथ स्टोरी पर विश्वास लगातार बना हुआ है।
- सोने के भंडार में वृद्धि: सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी के कारण भारतीय भंडार का मूल्य बढ़ा है।
- रुपये में स्थिरता: रुपये की विनिमय दर में स्थिरता के चलते विदेशी मुद्राओं की होल्डिंग को फायदा मिला है।
- सेवाओं और निर्यात में सुधार: आईटी, फार्मा और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में सेवाओं का निर्यात बढ़ा, जिससे डॉलर की आमद में इजाफा हुआ।
